कोरबा : कहते हैं ‘जंगल में मोर नाच किसने देखा.’ इस कहावत से ही ज़ाहिर है कि मोर का नृत्य देख पाना कितना दुर्लभ है. अक्सर बारिश के मौसम में मोर खुशी से नाच उठता है. ऐसा ही पल कोरबा में भी दिखाई दिया. खास बात यह है कि इस बार बस्ती में मोर नाचा और सबने देखा. दरअसल, लेमरू वन परिक्षेत्र में वन विभाग के दफ्तर के सामने नृत्यकर मोर ने अपनी छठा बिखेरी. मोर के इस नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

मोर के नृत्य करने का यह वीडियो आरसीआरएस टीम के अध्यक्ष अविनाश यादव ने अपने कैमरे में कैद किया है. अविनाश यादव ने बताया कि यह वीडियो वन परिक्षेत्र फॉरेस्ट ऑफिस के सामने का है, जहां बिना मौसम के बाद हुई बारिश के थमने के बाद मोर मनमोहक नृत्य कर रहा था. यह मोर अक्सर फॉरेस्ट रेंज ऑफिस के पास आता रहता है. कोरबा जिले का जंगल बहुत है समृद्ध है इस कारण इस जंगल में अनेकों प्रकार के पशु पक्षी रहते है.
मोर खुले जंगल में वन्यपक्षी की तरह रहते हैं. मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी भी है. नर मोर की खूबसूरत और रंग-बिरंगी फरों से बनी पूंछ होती है और इसी को खोलकर वो नाचता है. ऐसा माना जाता है कि जब उसे मोरनी से प्रणय निवेदन करना होता है तो वो पंख खोलकर नाचता है. मोर को एक शर्मीला पक्षी माना जाता है और बसंत तथा बारिश के मौसम में उसे नाचते हुए देखा जा सकता है. अगर इन्हें बस्ती में रहने की आदत पड़ जाए तो फिर ये वहां आराम से विचरण करते हैं.
