बिलासपुर- शिक्षक प्रमोशन को लेकर चीफ जस्टिस ने आज सुबह शिक्षकों की याचिकाओं पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने अपना फैसला सुनाया. शिक्षक प्रमोशन पर लगे स्टे हट दिया गया है. चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने अपने फैसले में राज्य सरकार के प्रमोशन को लेकर दी गयी रियायत पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया. कोर्ट ने सरकार की तरफ प्रमोशन में 5 साल की बजाय 3 साल की अनिवार्यता के फैसले को जायज बताया है. इस फैसले के बाद से प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है. दिसंबर 2022 से ही शिक्षकों के प्रमोशन का मामला हाईकोर्ट में चल रहा था. तब से आज शिक्षकों का इंतजार खत्म हुआ है. प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है. इससे पहले दिसंबर में ही हाईकोर्ट में पदोन्नति में लगा स्टे पर सुनवाई पूरी हो चुकी थी. सुनवाई के बाद निर्णय को सुरक्षित रख लिया गया था. पिछले एक वर्ष से पदोन्नति का मामला हाईकोर्ट में चल रहा था. प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नजर हाईकोर्ट पर थी. स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत यूडीटी और मिडिल प्रधान पाठक के पदों में पदोन्नति पर स्टे लगा हुआ था. हाईकोर्ट के फैसले के इंतजार में प्रमोशन बाधित था.
