जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण और क्या करें, क्या न करें
दुर्ग- कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में स्वाइन फ्लू के संबंध में डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, आईडीएसपी दुर्ग एवं भूमिका वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एन.एच.एम. दुर्ग के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. दुर्ग जिले में 05 से 29 अगस्त 2026 तक कुल 13 स्वाइन फ्लू धनात्मक प्रकरण मिले. वर्तमान में जिले में कुल 09 एक्टिव मरीज है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकीय उपचार चल रहा है जिनकी स्थिति अभी सामान्य है. जिले में नये धनात्मक प्रकरण मिलने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाती है, नियमित मरीज की मोनिटरिंग की जाती है.
स्वाइन फ्लू के संबंध में सामान्य जानकारी
स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र का संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है. इन्क्यूबेशन पीरियड सामान्यता 1-2 दिवस. संक्रमण का प्रसार संक्रमित व्यक्ति में लक्षण प्रारंभ होने के 3-5 दिवस तक अन्य व्यक्तियो में हो सकता है. संक्रमण का प्रसार सामान्यता संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ड्राप्लेट इन्फेक्शन के माध्यम से होता है.
मुख्य लक्षण
सर्दी, खासी, बुखार एवं बदन दर्द.
क्या करें-
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल/टिश्यू या कोहनी से ढकें. हाथों को बार-बार साबुन पानी से धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें. आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें. स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें. पर्याप्त आराम करें, भरपूर नींद लें, पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें. लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें. होम आइसोलेशन के दौरान स्वास्थ्य की निगरानी करें तथा स्थिति बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल जाएं.
क्या न करें-
अभिवादन के लिए हाथ न मिलाएं और गले न मिलें. डॉक्टर की सलाह के बिना दवाई न लें. बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाएं. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढक लेवे.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपील की गई है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, सतर्क रहें, स्वच्छता का पालन करें, लक्षण होने पर समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें तथा संक्रमण के प्रसार को रोकने में सहयोग करें.

