बिलासपुर में दो गुटों के बीच भारी बवाल, धारा 144 लागू और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर
बिलासपुर- न्यायधानी बिलासपुर के सिटी कोतवाली क्षेत्र बीती रात सांप्रदायिक तनाव और हिंसक झड़प से दहल उठा. मसानगंज इलाके में सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते भीषण पथराव शुरू हो गया. हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और बल प्रयोग करना पड़ा. घटना के बाद बिगड़ते माहौल को देखते हुए पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि पथराव में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों को भी चोटें आई हैं.
जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक सिटी कोतवाली क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला समेत अन्य हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा. शासकीय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों, लाठी के सहारे चलने वाले वृद्ध-दिव्यांग और धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने वालों को छूट दी गई है. बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल पर रोक रहेगी. किसी स्थान पर 4 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा. हालांकि परिवार के सदस्यों के सामान्य आवागमन पर यह लागू नहीं होगा. आयोजन के लिए एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
घटना की सूचना मिलते ही एसपी रजनीश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे. और देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए रखी. विवाद और पथराव में दोनों पक्षों के 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है. तनाव को देखते हुए बिलासपुर जिले का अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया. वहीं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया. संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पूरी रात पेट्रोलिंग की गई. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
कैसे भड़क विवाद?
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर हुई. दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया कि दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया. बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजनीश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल पर मौजूद रहकर पुलिस अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और हालात को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए. इस सांप्रदायिक तनाव के बाद पूरे इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पथराव और विवाद के दौरान दोनों पक्षों के 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है. घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. तनाव को देखते हुए बिलासपुर जिले के अलग-अलग थानों से पुलिस बल बुलाकर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया. इसके अलावा दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया. पूरी रात क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बना रहा.

