नेता प्रतिपक्ष के बयान पर रवि सिन्हा का पलटवार, बोले- आमंत्रण कार्ड से लेकर शिलान्यास पत्थर तक में था नाम
राजनांदगांव- नगर निगम क्षेत्र में करीब 44 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के बयान को सरासर झूठ, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने वाला बताया.
रवि सिन्हा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का यह कहना कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, पूरी तरह गलत है. कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में बाकायदा नेता प्रतिपक्ष का नाम प्रकाशित किया गया था. इतना ही नहीं, भूमिपूजन स्थल पर लगाए गए शिलान्यास पत्थर में भी नेता प्रतिपक्ष का नाम अंकित था. इसके बावजूद सार्वजनिक रूप से यह कहना कि उन्हें सम्मान नहीं दिया गया या आमंत्रित नहीं किया गया, समझ से परे है.
उन्होंने कहा कि नगर निगम के सभी सम्मानित पार्षदों को विधिवत आमंत्रण पत्र भेजे गए थे. इतना ही नहीं, निगम के जिम्मेदार पदाधिकारियों द्वारा पार्षदों को फोन कर कार्यक्रम की सूचना भी दी गई थी. इसके बाद भी यदि कोई व्यक्ति यह आरोप लगाए कि विपक्ष को कार्यक्रम से दूर रखा गया, तो यह राजनीतिक दुर्भावना के अलावा कुछ नहीं है.
रवि सिन्हा ने कहा कि नगर निगम के विकास कार्य किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे राजनांदगांव शहर की जनता के विकास से जुड़े कार्य हैं. ऐसे आयोजनों में पक्ष-विपक्ष के सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और सम्मान लोकतांत्रिक परंपरा है और भाजपा इस परंपरा का पूरा सम्मान करती है.
उन्होंने कहा, “जब आमंत्रण पत्र में नाम है, शिलान्यास पत्थर में नाम है, आमंत्रण पत्र सभी पार्षदों को भेजे गए हैं और निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन करके भी सूचना दी है, तो फिर उपेक्षा का सवाल ही कहां उठता है? नेता प्रतिपक्ष को राजनीति करने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए.”
रवि सिन्हा ने कहा कि महापौर मधुसूदन यादव के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है. करीब 44 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन इसी विकास यात्रा का हिस्सा है. विपक्ष को चाहिए कि ऐसे विकास कार्यों में सहयोग करे, न कि बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास करे.
उन्होंने दो टूक कहा कि “राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विकास कार्यों को लेकर झूठ बोलना जनता और शहर के साथ अन्याय है. तथ्य मौजूद हैं और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें सार्वजनिक भी किया जा सकता है.”

