दिल्ली में बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, जमकर की नारेबाजी

रायपुर- नीट परीक्षा मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली से लेकर रायपुर तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है. नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया.
संसद में नीट मामले पर व्यापक चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहे विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए थे. अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराने के लिए राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य नेताओं ने अपने दोनों हाथ नायलॉन की रस्सियों से बांध रखे थे. करीब तीन घंटे तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई शीर्ष नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में बैठाकर ले गई और कुछ देर बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की खबर जैसे ही छत्तीसगढ़ पहुंची, रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रदेश स्तर के नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट कर दी जानकारी
हिरासत में लिए जाने के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर से पुलिस ने वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्हें भी बस में बैठा लिया है और एयरपोर्ट की ओर कहीं ले जाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया.
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प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी का संदेश
धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस युवा छात्रों के साथ हुई कथित क्रूरता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराना चाहती है.
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री बिना जवाब दिए नहीं बच पाएंगे और देश के हर नागरिक से छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास के सामने आयोजित धरने में शामिल होने की अपील की. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग भी दोहराई.
