रक्षाबंधन के पवित्र रिश्ते को शराब के ऑफर से जोड़ना संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र प्रेम का अपमान: धनंजय
रायपुर- राजधानी रायपुर के अंबुजा मॉल स्थित ‘द बीयर कैफे’ द्वारा रक्षाबंधन पर भाई-बहन को एक-एक पैग शराब गिफ्ट करने और विशेष ऑफर के विज्ञापन को लेकर प्रदेश की राजनीति और समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है. इस मामले में प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि माता कौशल्या के धाम में राजधानी के अंबुजा माल में द बीयर कैफे में रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन को एक-एक पेग शराब गिफ्ट करने का विज्ञापन सोशल मीडिया में प्रचारित हो रहा है ये बेहद निदनीय एवं आपत्तिजनक है. ये छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं अपमान है. भाजपा सरकार बनने के बाद राजधानी सहित प्रदेश में अश्लीलता परोसने एवं नशाखोरी को बढ़ावा देने के घृणित विज्ञापन और आयोजन किया जा रहा है. राजधानी में न्यूड पार्टी, डग्स पार्टी, रेवे पार्टी के आयोजन क्लबों में, होटलों में होने का विज्ञापन कई बार सामने आया है जिसका विरोध होने के बाद रोक लगी है. आखिर सरकार इस प्रकार की आयोजनों की अनुमति कैसे दे देती है? भाजपा सरकार शराब की बिक्री बढ़ाने किस हद तक छत्तीसगढ़ की संस्कृति के खिलाफ कर रही है. इसका प्रमाण इस प्रकार के आयोजनों का होना बता रहा है.
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार पर भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के रिश्ते को शराब के ऑफर से जोड़ना छत्तीसगढ़ की संस्कृति और हमारी सामाजिक परंपराओं का घोर अपमान है. भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख-समृद्धि की कामना करती है, लेकिन भाजपा सरकार के राज में इस पवित्र रिश्ते को शराब के प्रचार और बिक्री बढ़ाने के हथकंडे से जोड़ दिया गया है. कि रक्षाबंधन पर भाई को बहन के लिए मिठाई, कपड़े या उपहार देने की परंपरा रही है, लेकिन सरकार शराब का एक-एक पेग गिफ्ट करने का ऑफर देकर आखिर समाज को क्या संदेश देना चाहती है? क्या यही सरकार की संस्कृति है? क्या यही सरकार का सुशासन है? भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि नशामुक्ति अभियान चलाने का दावा करने वाली सरकार त्यौहारों पर शराब की बिक्री बढ़ाने वाले ऑफर देने वालो को छूट क्यों दे रही है? एक तरफ नशे के खिलाफ अभियान का ढोंग और दूसरी तरफ शराब को गिफ्ट के रूप में प्रोत्साहित करवाना सरकार की दोहरी नीति को उजागर करता है.
श्री ठाकुर ने कहा कि रक्षाबंधन बहन की रक्षा के संकल्प का पर्व है, शराब पिलाने का पर्व नहीं. सरकार को शराब की बिक्री बढ़ाने के बजाय परिवारों को नशे से बचाने की दिशा में काम करना चाहिए. छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को शराब के कारोबार से जोड़कर उसका बाजारीकरण बंद किया जाए और रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व की मर्यादा का सम्मान किया जाए. इस प्रकार से कृत्य करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो.

