चोरी के बाद ड्राइवर और नौकर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए रची थी साजिश

अंबिकापुर- सरगुजा जिले के अंबिकापुर अंतर्गत गांधीनगर थाना क्षेत्र में हुई 5 लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले को पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है. मालिक का भरोसा जीतकर उसी के घर में सेंध लगाने वाले शातिर नौकर और ड्राइवर ही इस पूरी वारदात के मास्टरमाइंड निकले. पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की शत-प्रतिशत रकम बरामद कर ली है.
जानकारी के अनुसार, चोरी के मुख्य आरोपी ईश्वर यादव जो पीड़ित परिवार के यहां नौकर का काम करता था जिसने अपने मालिक सुभाष अग्रवाल का विश्वास जीत रखा था. दरअसल 12 तारीख की रात सुभाष अग्रवाल अपने परिवार व दोस्तों के साथ कहीं बाहर गए हुए थे और उन्होंने घर की जिम्मेदारी अपने नौकर और ड्राइवर पर छोड़ रखी थी. नौकर और ड्राइवर ने चोरी की प्लानिंग कर रखी थी और उन्हें वह मौका मिल गया था जिस पर उन्होंने अपने दो अन्य साथियों को बुलाकर घर में रखें 5 लख रुपए चोरी कर लिए और पुलिस को गुमराह करने के लिए मुख्य आरोपी ईश्वर यादव ने खुद के हाथ पैर बंधवा कर पड़ोसियों को चीख पुकार कर बुलाया और यह सूचना दी कि कुछ अज्ञात चोर उसके घर में घुसे जिन्होंने चेहरे पर नकाब लगाया था और उसके साथ मारपीट करते हुए हाथ पैर बांधकर अलमारी से रकम चोरी करके कहीं गायब हो गए जिस पर पड़ोसियों ने इस बात की सूचना सुभाष अग्रवाल को दी सुभाष अग्रवाल रातों-रात अंबिकापुर पहुंचे और इसकी सूचना थाना गांधीनगर में दी जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तत्काल सभी संदिग्धों से पूछताछ की पुलिस की पूछताछ में आरोपी नौकर और ड्राइवर द्वारा गोलमोल जवाब दिए जा रहे थे जिस पर पुलिस को ए समझते देर नहीं लगी की चोर नौकर और ड्राइवर ही हैं फिर दोनों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उनके द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दी गई है.
आरोपियों की निशानदेही पर गांधीनगर पुलिस ने पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे झाड़ियों में एक झोले के भीतर छुपाकर रखे गए पूरे 5 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.
