ठग दंपती ने महिला से 25 लाख ऐंठे, सहेली के 15 लाख के गहने भी IIFL में रखे गिरवी
दुर्ग- जिले के जामुल थाना क्षेत्र में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी को अंजाम देने वाले आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने एक महिला से जहां 25 लाख रुपए नकद ठगे, वहीं उसकी सहेली के करीब 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी फाइनेंस कंपनी में गिरवी रख दिए.
पुलिस के अनुसार, आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया. उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में अच्छे लाभ का वादा किया. शुरुआती निवेश पर लाभ मिलने से फातिमा का विश्वास बढ़ गया. इसके बाद उन्होंने और अधिक रकम निवेश की. इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे लगभग 25 लाख रुपए ठग लिए. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया. उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के आभूषण लिए. इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए प्राप्त किए गए.
जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी. कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए. धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की. प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे.
पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे. करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली. इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया. पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली. पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.
