कांग्रेस ने बिजली के दाम पांचवी बार बढ़ाये जाने पर किया विरोध
राजनांदगांव- छत्तीसगढ़ प्रदेश में बार-बार बिजली कटौती और बार-बार बिजली के दाम में वृद्धि किए जाने को लेकर प्रदेश की विष्णु देव साय वाली भाजपा सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने हाल में ही फिर की गई बिजली दर में वृद्धि का जमकर विरोध किया और इस संदर्भ में प्रदेश भर में पत्रकार वार्ता लेकर साय सरकार के इस कदम का जमकर खिलाफत की है.
प्रेस वार्ता में पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की है. इन्होंने किसानों को भी नहीं बख्शा. कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की है. उन्होंने बताया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार यह पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है. एक तो पहले से ही बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है. उसमें राहत देने के बजाय सरकार बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कर दी है. उन्होंने बिजली कंपनी द्वारा घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर की भी आलोचना की और कहा कि लोग इस मीटर से ज्यादा बिल आने की शिकायत कर रहे हैं. मीटर लगने से उनकी खपत वास्तविक खपत से ज्यादा बताई जा रही है. तेजी से चलने वाले इस स्मार्ट मीटर को सरकार से वापस लेने की बात कही.यूपी की योगी सरकार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इसे वापस करा दिया गया.
बार -बार बिजली बिल में बढ़ोतरी से जनता त्रस्त
प्रेस वार्ता में उपस्थित पूर्व उर्जा मंत्री धनेश पाटिला, वरिष्ठ कांग्रेसी श्रीकिशन खंडेलवाल, मेहुल मारु ,जिला कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र मुदलियार,पूर्व अध्यक्ष पदम कोठारी, पंकज बांधव , कांग्रेस नेत्री विभा साहू आदि की उपस्थिति में पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी. वहीं भाजपा ने तो अपने ढाई साल के कार्य काल में 5 बार बिजली के दामों में बढ़ोतरी कर रिकॉर्ड ही तोड़ दिया. बार-बार बिजली बिल में बढ़ोतरी से जनता त्रस्त हो गई है.
श्री साहू ने भाजपा से सरकार नहीं संभल नही रही है तक की बात कह दी और कहा कि यह सरकार केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है. 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा है. पिछले कुछ महिनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है. उपभोक्ताओं को एक ही माह में ऑनलाइन, ऑफलाइन में अलग बिल भेजा जा रहा है. बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है. जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता.
स्मार्ट मीटर तत्काल हटाई जाए
उन्होंने स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है. इसे तत्काल हटाए जाने की बात कही. उनका कहना है कि एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है. बताया गया कि जून माह में 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का बिजली बिल औसत से तीन गुना आया है. जनता बढ़े बिजली बिल से परेशान हो गयी है. भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय जनता को लूटने में लगी है. जनता बिजली कटौती से परेशान है. सरकार 24 घंटे बिजली नहीं दे पा रही उपर से अनाप-शनाप बिजली बिल भेज रही है. बिजली के बढ़े बिल से पिछले ढाई साल से जनता पर बोझ डाला जा रहा था लेकिन इस माह बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण जनता परेशान हो गई है. पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा में बिजली बिल में बार-बार वृद्धि किए जाने को लेकर साय सरकार को घेरेंगे और बढ़ी हुई बिजली दर को वापस लेने की मांग करेंगे.
