7 आरोपियों को किया गिरफ्तार, दो विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल
धमतरी- जिले के मगरलोड थाना क्षेत्रांतर्गत भोथीडीही गांव में शादी के चौथिया परधनी समारोह के दौरान बाजा बजाने को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। हमले में दुल्हन के भाई की मौत हो गई, चार लोग घायल हुए। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2 नाबालिग शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टेटकूराम निषाद, पिता स्व. कार्तिकराम, उम्र 50 वर्ष, निवासी मालगांव, थाना गरियाबंद, 21 फरवरी को अपनी पुत्री के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने ग्राम भोथीडीह, थाना मगरलोड, जिला धमतरी (छ.ग.) अपने परिवार एवं परिचितों के साथ आए हुए थे. तभी रात्रि लगभग 8.00 बजे के आसपास बाजार चौक के पास परघनी कार्यक्रम के दौरान नाच-गान चल रहा था. इसी दौरान वधु पक्ष से प्रार्थी के पुत्र चंदन निषाद एवं अन्य व्यक्तियों का बाजा बजाने वाले व्यक्तियों से धक्का लगने की बात को लेकर विवाद हो गया.
विवाद के पश्चात आरोपियों द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई तथा एकराय होकर चंदन निषाद एवं तरुण ध्रुव पर चाकू से प्राणघातक वार किया गया. गंभीर चोट लगने से चंदन निषाद की मृत्यु हो गई. तरुण ध्रुव एवं बीच-बचाव करने आए अन्य व्यक्तियों को भी चोटें आईं.प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना मगरलोड में अपराध क्रमांक 33/26 पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई.
गिरफ्तार आरोपीगण
(01) तोषण चक्रधारी, पिता डेमन चक्रधारी, उम्र 18 वर्ष 4 माह
(02) अभिषेक पटेल, पिता स्व. प्रेमलाल पटेल, उम्र 20 वर्ष
(03) हिनेश उर्फ हिलेश्वर, पिता रूपेन्द्र यादव, उम्र 18 वर्ष 4 माह
(04) ताम्रज कंवर, पिता सुधारू राम कंवर, उम्र 18 वर्ष 3 माह
(05) गुलाब दीवान, पिता नकुल दीवान, उम्र 20 वर्ष
सभी निवासी – ग्राम भोथीडीह, थाना मगरलोड, जिला धमतरी (छ.ग.)
साथ ही प्रकरण में दो विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल पाए गए हैं, जिनके विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पृथक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. आरोपी नशे में नहीं पाए गए हैं और उनका पुराना आपराधिक रिकार्ड भी संज्ञान में नहीं आया है.
वैधानिक कार्यवाही
आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 33/26 अंतर्गत धारा 296, 115(2), 351(3), 191(2), 191(3), 190, 109, 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. थाना मगरलोड पुलिस द्वारा त्वरित पतासाजी कर सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है.
