भुईयां पोर्टल से छेड़डाड़ : फर्जी तरीके 36 लाख रुपए का लोन, नबालिग समेत 7 गिरफ्तार

दुर्ग- छत्तीसगढ़ शासन के भुईयां पोर्टल से छेड़डाड़ करने वाले और फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक लोन लेने वालों का काले कारनामों का दुर्ग पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. जिले के नंदनी नगर, थाना कुम्हारी, थाना अमलेश्वर और एसीसीयू की संयुक्त कार्यवाही में 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, तहसीलदार राधेश्याम वर्मा ने दिनांक 13 अगस्त 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी. उसने बताया कि पटवरी हल्का नंबर 16 के ग्राम अछोटी एवं मुरमुदा तहसील अहिवारा के भुइयाँ सॉफ्टवेयर में अज्ञात आरोपियों द्वारा छेड़छाड़ कर भारतीय स्टेट बैंक शाखा नंदनी नगर से 36 लाख रुपए का लोन फर्जी तरीके से लिया गया. जांच में पता चला कि आरोपियों ने पटवारी के यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर ऑनलाइन पोर्टल में छेड़छाड़ की और सरकारी जमीनों के खसरा नंबरों में कूटछाप कर नया खसरा बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए.
जांच के दौरान मुख्य आरोपी दीनुराम यादव ने बैंक के दस्तावेजों को कूटकर 36,00,000 रुपए निकालकर विभिन्न खातों में हस्तांतरित किए. इनमें से 20,26,547 रुपए नंदकिशोर साहू के खाते में जमा किए गए. इसके अलावा आरोपियों ने दुर्ग जिले के ग्राम मुरमुद्दा, अछोटी, बोरसी और चेटूया की जमीन का बटांकन कर ऑनलाइन पोर्टल में छेड़छाड़ की, जिससे आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया. पुलिस ने इस मामले में थाना नंदनी नगर में अपराध क्रमांक 201/2025, थाना कुम्हारी में 154/2025 और थाना अमलेश्वर में 101/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस और 66 आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया.
विवेचना के दौरान आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि अशोक उराव ने पटवारी का यूजर आईडी और पासवर्ड एवं ओटीपी नंबर प्रदान कर आरोपियों को शासकीय जमीनों में छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए सक्षम किया. इसके माध्यम से बैंक से लोन लिया गया और रकम का गैरकानूनी रूप से हस्तांतरण किया गया. आरोपी शिवचरण कौशल के खिलाफ पहले भी इसी प्रकार के मामले दर्ज हैं. आरोपियों ने संगठित रूप से षड्यंत्र रचकर शासन को क्षति पहुँचाई, जिसके चलते उन्हें संगठित अपराध की धारा 111(2) और 61(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया. विवेचना अभी जारी है और अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
इस कार्यवाही में थाना नंदनी नगर, कुम्हारी, अमलेश्वर और एसीसीयू की महत्वपूर्ण भूमिका रही. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अन्य सहयोगियों के नाम और भूमिका भी उजागर की. पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जिले में ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों के दुरुपयोग और फर्जी लोन लेने वाले गिरोह के खिलाफ ठोस कदम है. अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी पोर्टल और डिजिटल रिकॉर्ड के उपयोग में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें. इस मामले से यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ प्राप्त करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस पूरी सतर्कता से कार्रवाई कर रही है. जिले में ऑनलाइन राजस्व पोर्टल की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त कदम उठाए हैं.
गिरफ्तार आरोपी
अशोक उराव (44, जांजगीर-चांपा), कौशल फेकर (50, रायपुर), शिवचरण कौशल (55, रायगढ़), ओम प्रकाश निषाद (40, रायपुर), कोमल साहू (44, रायपुर), देवानंद साहू (32, रायपुर) और विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं.
