विवादित जमीन का कराया सीमांकन, तब जाकर मामला हुआ शांत
महासमुंद- जिले के ग्राम लाफिनखुर्द में दो समाजों के लोगों के बीच विवाद हो गया. बताया जा रहा है कि राजस्व न्यायालय में केस पेंडिंग होने के बावजूद सतनामी समाज ने उक्त भूमि पर जैतखंभ स्थापित कर दिया. विवाद की स्थिति से निपटने सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात किया है.
मिली जानकारी अनुसार महासमुंद जिला के ग्राम पंचायत लाफिनखुर्द में आदिवासी बिसराम की लगानी भूमि है. इस भूमि के नक्शे को छोटा कर कुछ हिस्सा राजस्व विभाग की बंदोबस्त त्रुटि अथवा लापरवाही से घास जमीन में शामिल कर दिया गया है. आदिवासी बिसराम ध्रुव ने साल 2024-25 में तहसीलदार न्यायालय में मामले की शिकायत की. केस अभी पेंडिंग है. इसी विवादित जमीन पर सतनामी समाज ने जैतखंभ स्थापित किया गया.
इस पर आदिवासी समाज का कहना है कि बिसराम ध्रुव की जमीन का हिस्सा बंदोबस्त लापरवाही के कारण घास जमीन में चली गई थी. आरआई, पटवारी के समझाने के बावजूद उसी हिस्से में सतनामी समाज ने मंगलवार की सुबह जैतखंभ स्थापित कर दिया. जिससे दोनों समाज में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई.
गांव के बिगड़ते हालात को देखते हुए आदिवासी समाज ने कोटवार के माध्यम से इसकी सूचना जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन को दी थी. दोनों ही विभाग के अधिकारी गाांव पहुंचे थे. अधिकारियों के सामने एक पक्ष शांत खड़ा रहा, वहीं दूसरा पक्ष उग्र प्रदर्शन करने लगा. गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में आरआई और पटवारियों की टीम ने दोनों ही समाज के 5-5 लोग और सरपंच, गांव के मुखिया के सामने विवादित जमीन का सीमांकन कराया. सीमांकन में जमीन आदिवासी बिसराम ध्रुव की निकली. प्रशासन ने दोनों पक्षों का पंचनामा कराया. इसके बाद सतनामी समाज ने जैतखंभ को हटाने पर सहमति जताई है, वहीं सतनामी समाज ने प्रशासन से जैतखाम के लिए अन्य भूमि की मांग की है. जिस पर प्रशासन ने जांच के बाद स्थान चयन कर जमीन देने का आश्वासन दिया है.
