लेटलतीफी भू-अभिलेख शाखा में वेतन के लाले पड़े, कर्मचारी परेशान

दुर्ग- यदि समय पर वेतन ना मिले तो परेशानी होना स्वाभाविक है और यदि प्रमुख त्योहार पर उसे वेतन ना मिले तो शायद यह एक गंभीर विषय हो जाता है. दुर्ग जिले के भू-अभिलेख शाखा (नजूल, डायवर्सन) में भृत्य से लेकर अधीक्षक तक किसी भी कर्मचारी अधिकारी को सिंतबर माह का 9 दिन बीत जाने के बावजूद वेतन भुगतान नहीं होने से उनके परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. उनके लिए तीज एवं गणेश पर्व का त्यौहार भी उदासीपूर्ण हो चुका है.
उल्लेखनीय है कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रत्येक माह की पहली तारीख को पिछले माह का वेतन भुगतान हो जाता है. लेकिन दुर्ग के भू-अभिलेख विभाग में कार्यरत अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक, सहायक ग्रेड 1,2,3 और चैनमेन, मानचित्रकार से लेकर भृत्य तक वेतन की लेटलतीफी से काफी परेशानी का सामना कर रहें है. पिछले महीने भी उनका वेतन भुगतान देर से हुआ था, किंतु इस माह अत्याधिक लेट होने से इनके परिवारों का न केवल त्यौहार फीका हो गया है, बल्कि राशन-पानी और दैनिक खर्च के लिए भी हाथ खाली हो गए है. वेतन भुगतान में इस विभाग को ऐसी परेशानी क्यों हो रही है यह समझ से परे है. कलेक्टर दुर्ग से यह अपेक्षा है कि वे भू-अभिलेख विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की समस्या का समाधान करते हुए तत्काल वेतन भुगतान कराएं और भविष्य में समय पर वेतन भुगतान होना सुनिश्चित करें. खासकर ऐसी मंहगाई और त्यौहार के सीजन में कम वेतन वाले कर्मचारी, अधिकारी समय पर वेतन न मिलने से काफी परेशान होते है और इन्हें परिवार के समुचित पालन-पोषण में अत्याधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
