यादव समाज की बैठक सम्पन्न: अब विधवाओं को भी मौर सौंपने का अधिकार : सुन्दरलाल यादव

रायपुर- छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के महानगर इकाई की बैठक विगत दिन यादव सामाजिक भवन महादेव घाट रायपुरा में सम्पन्न हुई जिसमें शहर जिला अध्यक्ष सुन्दरलाल यादव मुख्यरूप से उपस्थित थे.
श्री यादव ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा हिन्दू रीति-रिवाज में विवाह के दौरान मौर सौपने की परंपरा सालों से चली आ रही है. इस परंपरा को दूल्हे की सुहागिन माताओं के साथ अन्य सुहागिन रिश्तेदार महिलाएं निभाती है. विधवा माताओं को इस अधिकार से वंचित रखा गया है, लेकिन अब इस रूढ़िवादिता को समाप्त कर विधवा माताओं को भी दूल्हे पुत्र को मौर सौंपने का अधिकार दिया जायेगा. इसके अलावा समाज में किसी की मृत्यु होने पर कफन की जगह सहयोग राशि दी जाती है और मृत्यु भोज स्वेच्छानुसार खिलाया जाता है.
मौर का अर्थ है मुकुट. राजा-महाराजाओं का श्रृंगार और जिम्मेदारी का प्रतीक मौर धारण कर दूल्हा राजा बन जाता है इसलिए इन्हें दूल्हे राजा भी कहते हैं. मौर सौपने का आशय वर को भावी जीवन के लिए आशीष व उत्तरदायित्व प्रदान करना है. इस रस्म में बारात रवानगी के पूर्व वर को पूजा घर में मौर बांधा जाता है. आंगन में चौक पुरकर पीढ़ा रखते है. वर को उस पर खड़ा कर या कुर्सी में बिठाकर सर्वप्रथम माँ उसके बाद चाची मामी बड़ी बहन व सुवासिन सहित 7 महिलाएँ मौर सौपती हैं.
बैठक में परदेशीराम यादव न्या.प्र.अध्यक्ष, शत्रुघन यादव वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रीतम यादव कार्यकारिणी अध्यक्ष, बैसाखू राम यादव सचिव, मतवारी यादव कोषाध्यक्ष, नरेश यादव संयुक्त सचिव, रामस्वरूप यादव लेखापाल, घुरूऊराम यादव संरक्षक, आदि समाज प्रमुख एवं स्वजाति बंधु महिला एवं पुरुष अत्याधिक संख्या में उपस्थित रहे. उक्त जानकारी मयाराम यादव एवं सुरेंद्र यादव ने दी.
