रायपुर : देश भर में अलग-अलग राज्यों में नए कानून का विरोध कर रहे बस-ट्रक ड्राइवर एक बार फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं. बता दें लगभग 65 हज़ार ड्राइवरों अनिश्चितकालीन हड़ताल को छत्तीसगढ़ हाईवे परिवहन संघ ने समर्थन दे रहें हैं.
ड्राइवर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सेन ने बतया कि सरकार ने ट्रांसपोर्टर से बात की, हमसे नहीं, इसलिए हिट एंड रन कानून को वापस लिया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि सुबह 11 बजे तेलीबांधा में सभी ड्राइवर इकट्ठा होकर गाड़ियों के मालिकों को चाबी सौपेंगे. इस मौके पर छत्तीसगढ़ हाईवा परिवहन संघ के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल और संघ से जुड़े गाड़ी मालिक उपस्थित रहेंगे.
इन राज्यों में हुई थी हड़ताल
राजस्थान, गुजरात, पंजाब, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. हड़ताल के चलते ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप हो गया है. पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइनें देखने को मिल रही है. देश के 9 राज्यों में जारी ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के बीच ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का बड़ा बयान सामने आया है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि- हमारी केंद्र सरकार से सिर्फ इतनी मांग है कि, इस कानून के बारे में विचार करके फैसला लिया जाना चाहिए था. सरकार ने इस कानून को लागू करते वक्त हमसे बात नहीं की. हालांकि, हम फिलहाल इस कानून का विरोध नहीं कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि विरोध या हड़ताल से इसका हल नहीं निकाला जा सकता. उन्होंने उम्मीद जताई की सरकार जल्द ही इस मु्द्दे पर हमने बातचीत करेगी और हमारे हक में फैसला लेगी.
नए कानून में क्या बदलाव हुआ?
आपको बता दें कि अभी तक हिट एंड रन मामले में ड्राइवर को थाने से जमानत मिल जाती थी. इसके अलावा अभी तक इस अपराध में दो साल की सजा का प्रावधान था. लेकिन नए कानून के मुताबिक अब वाहन चलाने वाले ड्राइवर को अधिकतम 10 साल की सजा के साथ ही 7 लाख का जुर्माना लगाने का प्राविधान किया गया है. खबर के मुताबिक अगर हड़ताल अगर दो दिन और चली तो पेट्रोल पंप ड्राई होने लगेंगे.
