दुर्ग : भिलाई को इस्पात नगरी के नाम से पहचाने जाने वाले दुर्ग शहर में दीपावली के लिए इस बार कल्याणम स्व सहायता समूह की महिलाएं द्वारा इस बार आपके घरों को रोशन के लिए खास दीए तैयार कर रही हैं. इन दीयों को गाय के गोबर और मुल्तानी मिट्टी से बनाया जा रहा है. खास बात ये है कि ये दीए पूरी तरह से ईको फ्रेंडली हैं, यानि ये दीए न तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएंगे नहीं आपकी सेहत को खराब करेंगे.
स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि लोकल मार्केट में तो इन दीयों की उतनी डिमांड नहीं है, लेकिन बाहर के राज्यों में इन दीयों की भारी डिमांड है. पड़ोसी राज्य तेलंगाना, दिल्ली और राजस्थान में इन गाय के गोबर से बने दीए की इतनी डिमांड है कि वो दिन रात मेहनत करने के बाद भी उसे पूरा नहीं कर पा रही हैं.
हिंदू धर्म में गाय और गोबर दोनों को काफी पवित्र माना गया है. मान्यता है कि जहां गाय और गोबर का वास होता है मां लक्ष्मी वहीं विराजती है. इसी बात को ध्यान में रखकर दुर्ग की कल्याणम स्व सहायता समूह ने गाय के गोबर से बने दीए बनाए हैं जो लोगों को खूब पसंद भी आ रहे हैं.
