सुकमा : छत्तीसगढ़ में पुलिस और सेना की निगरानी में लगातार हो रहे विकास के कामों को देखकर नक्सलियों का भी मन बदल रहा है. हिंसा से तौबा करने वालों को समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का मौका सरकार भी दे रही है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में नक्सली हथियार डाल रहे हैं और सरकार पर भरोसा भी कर रहे हैं.
नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में दो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. सुकमा के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सली देवा और एर्रा ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
उन्होंने बताया कि नक्सली देवा मिलिशिया प्लाटून का सदस्य है तथा नक्सली एर्रा मिलिशिया सदस्य है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने पूना नर्कोम अभियान (नई सुबह, नई शुरुआत) से प्रभावित होकर तथा माओवादी नेताओं के भेदभावपूर्ण व्यवहार से तंग आकर हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है.
उन्होंने बताया कि दोनों पर जिले में कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी.
