प्लांट खुलने से क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति में होगा सुधार
छत्तीसगढ़ सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है एथेनॉल प्लांट. एथेनॉल प्लांट जिस क्षेत्र में खुलेगा वहां के आसपास के किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए ना तो बिचौलियों का सहारा लेना पड़ेगा और न ही अन्य क्षेत्रों में दर-दर भटकना पड़ेगा.

पीपीपी मॉडल के तहत छत्तीसगढ़ में सरकार 25 से भी अधिक एथेनॉल प्लांट खोलने की तैयारी में है. प्लांट वहां के किसानों द्वारा उत्पादित किए जा रहे फसलों के आधार पर खोली जा रही है. ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने का एक स्थान, सही कीमत व रोजगार उपलब्ध हो. पीपीपी मॉडल के तहत कोंडागांव जिला के ग्राम कोकोड़ी में मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट खोला जा रहा है, जिसके निर्माण में लगभग 140.6 6 लाख रुपए की लागत लगेगी. इस प्लांट में क्षेत्र के 45,000 किसानों में 6.83 लाख रुपए का अंशदान किया है. प्लांट के क्षमता के अनुसार प्रतिदिन 211 मेट्रिक टन मक्का की जरूरत पड़ेगी. मक्का की पूर्ति के लिए क्षेत्र के अलावा कोंडागांव से लगे उड़ीसा के किसानों से भी खरीदी की जाएगी.
बड़ेकुरुसनार गांव के दर्जनभर से भी अधिक किसानों ने प्लांट का भ्रमण किया और उन्हें मक्का से एथेनाल किस तरह उत्पादित होता है, की जानकारी दी गई. प्लांट के अधिकारी रवि ने किसानों को निर्माणाधीन फर्मेंटेशन टैंक, लिक्विफिकेशन टैंक, कूलिंग टावर, स्टोरेज टैंक, एनसीसी रूम, पावर प्लांट व साइलो की कार्यविधि से वाकिफ कराया. रवि जी ने किसानों से कहा कि जून माह तक प्लांट शुरू कर दी जाएगी. बडेकुरुसनार के किसान महेश यादव, सुखलाल दीवान काफी उत्साहित व खुश हैं. उनका कहना है कि यदि प्लांट उनके मक्का फसल को उचित मूल्य में खरीदती है तो क्षेत्र में रकबा भी बढ़ेगा.
