जांजगीर-चांपा : जिले के कांग्रेस नेता राघवेंद्र प्रताप सिंह के बेटे की शादी के बाद आयोजित आशीर्वाद समारोह में हुई ताबड़तोड़ हर्ष फायरिंग पर कार्रवाई की गई है. जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह के लाइसेंसी पिस्टल और 30 नग जिंदा कारतूस को जब्त कर लिया गया है. इसके अलावा 2 एयर पिस्टल भी बरामद किया गया है.


वहीं राघवेंद्र प्रताप सिंह के बेटे शांतनु प्रताप सिंह की लाइसेंसी पिस्टल 0.32 बोर से 3 बार हवाई फायरिंग की गई थी, जिसमें से 2 नग खाली कारतूस का खोखा बरामद किया गया है. साथ ही 47 जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है. इस मामले में दोनों पिता-पुत्र का लाइसेंस निरस्त करने और दोनों के शस्त्रों को राजसात करने के लिए एसपी ने कलेक्टर को आवेदन भेजा है. वीडियो की और बारीकी से जांच करने के लिए एक्सपर्ट को भेजने की बात कही है.
इस मामले में एएसपी अनिल कुमार सोनी ने बताया कि शादी समारोह में महिला और पुरुषों ने जमकर हर्ष फायरिंग की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था. इस पर कार्रवाई करते हुए गवाहों का बयान लिया गया और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया.

पुलिस ने राघवेंद्र सिंह और उनके बेटे शांतनु सिंह का लाइसेंसी पिस्टल और दो टॉय गन जब्त कर लिया है. 47 कारतूस, 2 खाली कारतूस भी जब्त किए गए हैं. शस्त्रधारकों द्वारा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करना पाया गया. जब मामले की जानकारी एसपी विजय अग्रवाल को हुई, तो उन्होंने कार्रवाई करने के लिए पामगढ़ थाना प्रभारी सनत कुमार को निर्देशित किया था.
ये है पूरा मामला
10 फरवरी को राघवेंद्र सिंह के बेटे शांतनु प्रताप सिंह की शादी जांजगीर शहर में सौंदर्या सिंह के साथ हुई. इसके बाद 12 फरवरी को उनके गृह ग्राम रसौटा में आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया था. समारोह में बड़ी संख्या में बीजेपी और कांग्रेस नेता शामिल हुए थे. अकलतरा विधायक सौरभ सिंह भी समारोह में शामिल हुए थे.
इसी आयोजन के बाद अचानक हवाई फायरिंग का दौर चालू हो गया. वहां मौजूद कुछ परिवारवालों ने रिवॉल्वर और पिस्टल निकाल लिए, फिर हवा में ताबड़तोड़ फायर किए जाने लगे. रिश्तेदारों ने दूल्हा-दुल्हन, उनकी मां और दूसरे लोगों को भी पिस्तौल देकर फायरिंग कराई. इसका बकायदा वीडियो भी बनाया गया और सोशल मीडिया में दुल्हन का वेलकम लिखकर वायरल किया गया. लड़के की मां शुभा सिंह ने भी फायरिंग की, तब भी लोगों ने खूब वाह-वाह किया. उनके अलावा एक-एक कर कई रिश्तेदारों ने भी आसमान में जमकर फायरिंग की.
हर्ष फायरिंग और हवाई फायरिंग, दोनों ही कानूनी तौर पर अमान्य हैं. किसी की मौत होने पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाता है. गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर हर्ष फायरिंग के दोषियों के लिए 2 साल की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
