दफ्तर में रायपुर पुलिस ने दी दबिश तो लटका मिला ताला
रायपुर : अहमदाबाद की वी केयर कंपनी में बनाई गईं नशे में प्रयोग की जाने वाली गोलियां व सिरप छत्तीसगढ़ में खपाई जा रही हैं. इस तरह की दवाओं के 95 प्रतिशत बाजार पर इस कंपनी का कब्जा है. यह दवाएं ओडिशा, महाराष्ट्र के रास्ते छत्तीसगढ़ में अवैध तरीके से लाई जा रही हैं.

पिछले एक वर्ष में राज्य में 50 लाख से अधिक ऐसी गोलियां व सिरप जब्त किए गए है. वहीं इस काम से जुड़े करीब 200 लोगों की प्रदेशभर में गिरफ्तारी हो चुकी है. औषधि प्रशासन व पुलिस की टीम अहमदाबाद स्थित वी केयर कंपनी पहुंची तो वहां ताला लटका मिला.
औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जब्त की जा रही गोलियां हाई डोज की हैं, जो आपरेशन के दौरान दर्द निवारक के तौर पर मरीजों को दी जाती हैं. मस्तिष्क रोग से पीड़ित मरीजों के इलाज में भी इसका उपयोग किया जाता है. बिना चिकित्सक की लिखी पर्ची के ये दवाएं दवा दुकानों में नहीं दी जातीं. नशे में उपयोग होने वाली गोलियां वी केयर कंपनी की होने की जानकारी होने के बाद राज्य औषधि प्रशासन ने कंपनी को कई बार पत्र लिखकर जवाब मांगा, फोन भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया.
90 रुपये तक की दवाएं 500 से अधिक में बेच रहे
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस तरह की जिन दवाओं का मूल्य 90 रुपये तक है, वह बाजार में अवैध तरीके से 500 रुपये से अधिक में बेची जा रही हैं. कई दवा दुकान संचालक को यह दवाएं बिना पर्ची के ही और अधिक कीमत में बेच रहे हैं.
अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम
अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस तरह की जितनी दवाओं की जब्ती बनाई गई है, उससे कई गुना अधिक बाजार में उपलब्ध हैं. यह दवा दुकानों और इस काम से जुड़े लोगों के माध्यम से बाजार में अवैध तरीके से धड़ल्ले से बेची जा रही हैं. पुलिस ने हालांकि सभी जिलों में नारकोटिक सेल बनाया है, लेकिन इस पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है.
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, नशे में प्रयोग की जाने वाली दवाओं की बिक्री की शिकायतें लगातार आ रही हैं. औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसके लिए टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा, औषधि प्रशासन व पुलिस की टीम अहमदाबाद स्थित वी केयर कंपनी पहुंची थी. वहां ताला लगा मिला. मामले की जांच की जा रही है.
रायपुर उप औषधि निरीक्षक बसंत कौशिक ने कहा, अब तक 10 से 12 तरह की दवाएं जब्त की गई हैं. ये सभी वी केयर कंपनी की हैं. कंपनी द्वारा पत्र का किसी तरह जवाब नहीं दिया गया है.
