नई दिल्ली : आरबीआई ने लगातार 6वीं बार रेपो रेट में बढ़ोत्तरी कर लोगों को फिर झटका दिया है. आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है. इस दौरान रेपो रेट को लेकर अहम ऐलान किया जा सकता है. इससे पहले तीन दिनों तक आरबीआई की एमपीसी की अहम बैठक चली. इसके बाद बैठक की जानकारी और इस दौरान लिए गए फैसलों के लिए शक्तिकांत दास मीडिया से रूबरू हो रहे हैं.

6 बार में 2.50% की बढ़ोतरी
मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग हर दो महीने में होती है. इस वित्त वर्ष की पहली मीटिंग अप्रैल में हुई थी. तब RBI ने रेपो रेट को 4% पर स्थिर रखा था, लेकिन RBI ने 2 और 3 मई को इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर रेपो रेट को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर दिया था.
22 मई 2020 के बाद रेपो रेट में ये बदलाव हुआ था. इसके बाद 6 से 8 जून को हुई मीटिंग में रेपो रेट में 0.50% इजाफा किया. इससे रेपो रेट 4.40% से बढ़कर 4.90% हो गई. फिर अगस्त में इसे 0.50% बढ़ाया गया, जिससे ये 5.40% पर पहुंच गई. सितंबर में ब्याज दरें 5.90% हो गई. फिर दिसंबर में ब्याज दरें 6.25% पर पहुंच गई. अब ब्याज दरें 6.50% पर पहुंच गई है.
मई 2022 से लेकर अब तक RBI रेपो रेट को 2.50% बढ़ा चुका है, यानी इससे आपका लोन लेना भी 2.50% महंगा हो गया है. मई से पहले जो होम लोन आपको 5.65% ब्याज पर मिल रहा था वो अब 8.15% पर पहुंच गया है. ऐसे में 20 साल के लिए 20 लाख के लोन पर आपको 2,988 ज्यादा की EMI देनी होगी.
