कार्यवाही को लेकर जनपद सदस्य मोनिका अरविंद भगत ने सौंपा ज्ञापन
कोरबा : आपको बता दें कि 30 जनवरी को 24 में से 23 जनपद सदस्यों ने उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में हस्ताक्षर कर जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था. जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा 9 फरवरी को उपाध्यक्ष के लिए अविश्वास प्रस्ताव जारी किया, लेकिन जैसे-जैसे 9 फरवरी के करीब आते जा रहे हैं वैसे ही मामला उजागर होता दिख रहा है.

जनपद सदस्य मोनिका अरविंद भगत ने बड़ा खुलासा किया है, उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत कोरबा के उपाध्यक्ष कौशिल्या देवी वैष्णव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मेरे पूर्व में किए गए हस्ताक्षर को फर्जी रूप से संलग्न कर धोखे से अविश्वास प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर किया गया है, आपको बता दें कि मोनिका भगत निवासी ग्राम नकटीखार वर्तमान में जनपद पंचायत कोरबा के क्षेत्र क्रमांक 20, गोड़मा से निर्वाचित जनपद सदस्य है.
वर्तमान में जनपद पंचायत कोरबा की उपाध्यक्ष कौशिल्या बाई वैष्णव के खिलाफ कुछ सदस्यों के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसकी सूचना कुछ दिन पूर्व समाचार माध्यम से प्राप्त हुई. पूर्व में मुझे अविश्वास के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं थी. 30 जनवरी के लगभग मुझे न्यायालय विहित प्राधिकारी एवं कलेक्टर जिला कोरबा से जानकारी हुई कि 9 फरवरी को अविश्वास पर मतदान है तथा मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अविश्वास के आवेदन पर मेरा हस्ताक्षर कैसे है.
मेरे द्वारा उपाध्यक्ष कौशिल्या बाई वैष्णव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किया गया है. मेरे द्वारा पूर्व में जनपद अध्यक्ष हरेश कंवर के अविश्वास के समर्थन में हस्ताक्षर किया गया था, एवं मुझे जानकारी हुई कि मथुरा राठिया, पूरन सिंह मंझवार, शकुन्तला कैवर्त, दिगपाल सिंह कंवर ने उपाध्यक्ष कौशिल्या बाई वैष्णव के अविश्वास के समर्थन में हस्ताक्षर नहीं किया है.
पूर्व में अध्यक्ष हरेश कंवर के अविश्वास के संदर्भ वाले पत्र के दूसरे पेज को संलग्न कर धोखाधड़ी कर अविश्वास लाया गया है. क्योंकि उस पेज पर मेरा हस्ताक्षर था. इस संपूर्ण मामले पर कोरबा जनपद अध्यक्ष हरेश कंवर, जनपद सदस्य नंदकुमार कंवर, संतोष लकड़ा, नरेन्द्र पटेल, जनपद सदस्य सावित्री गांगुल के पुत्र आशीष गांगुली, रविशंकर राठिया एवं किशन कोसले की भूमिका रही है, शिकायत कर जनपद सदस्य ने भी कहा कि मुझे जनपद में कुछ दलालों द्वारा षड़यंत्रपूर्वक पैसे का प्रलोभन तथा मेरे एवं मेरे पति अरविन्द भगत को झूठे मामलों में फंसाने, गाली-गलौच तथा जान से मार देने की धमकी दी जा रही है.
