1981 से रोज श्रृंगार बदलने की परंपरा
हेंमत कश्यप- दुर्ग- छत्तीसगढ़ के दुर्ग गंजपारा स्थित सतीचौरा दुर्गोत्सव पंडाल छत्तीसगढ़ में अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है. यहां क्वांर नवरात्र में स्थापित 18 भुजाओं वाली दुर्गा प्रतिमा का हर दिन श्रृंगार बदला जाता है. प्रतिमा की पेंटिंग तक बदली जाती है. ऐसा पूरे प्रदेश में और कहीं नहीं होता.
यह परंपरा पिछले 45 सालों से लगातार जारी है. रोज सुबह 10 बजे से श्रृंगार शुरू होता है, जिसमें साड़ी का रंग, आभूषण और पेंटिंग सब बदली जाती है. राजीव नगर निवासी पेंटर हेमंत मानिकपुरी पिछले 40 सालों से यह सेवा निभा रहे हैं. इसके पहले मूर्ति बनाने और प्रतिदिन रंग/ श्रृंगार बदलने का कार्य स्व. जीवन शुक्ला करते रहे हैं. प्रतिदिन श्रृंगार पर करीब 10 हजार रुपए खर्च होते हैं.
समिति के सुरेश गुप्ता और नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि सतीचौरा में पिछले 45 सालों से प्रतिमा स्थापित हो रही है, और 1981 से रोज श्रृंगार बदलने की परंपरा शुरू हुई.
