खम्हरिया में पुरोहित प्रशिक्षण कार्यशाला एवं दीप महायज्ञ का आयोजन
दुर्ग- परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के अवसर पर गायत्री परिवार दुर्ग ग्रामीण द्वारा रविवार 20 सितंबर को कुमकुम मंगलम भवन, खम्हरिया (धनोरा), दुर्ग में एक दिवसीय पुरोहित प्रशिक्षण कार्यशाला, साधना एवं दीप महायज्ञ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य घर-घर यज्ञ, गायत्री साधना एवं संस्कार परंपरा को पहुंचाना तथा यज्ञ एवं संस्कारों के माध्यम से समाज में सद्विचार, सद्भावना और सकारात्मक चिंतन का विस्तार करना रहा.
मीडिया प्रभारी आदित्य भारद्वाज ने बताया कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक साधना से हुई. इसके पश्चात कर्मकांड एवं पुरोहितीय विधि-विधान से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया. प्रणेश विश्वास एवं मीनाक्षी विश्वास ने प्रशिक्षण के दौरान मंत्रोच्चार की शुद्धता, विधि-विधान तथा प्रभावशाली एवं वैज्ञानिक पद्धति से यज्ञ संपन्न कराने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया. प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यज्ञ की प्रत्येक प्रक्रिया शुद्ध उच्चारण और सही विधि के साथ संपन्न हो, ताकि यज्ञ एवं संस्कारों की परंपरा को अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाया जा सके.
देवी प्रसाद साहू ने जन सम्पर्क एवं कार्यक्रम पूर्व व्यवस्था की तकनीकी बारीकियों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन किया.भोजनोपरांत रमाकांत देशमुख ने गायत्री की महिमा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गायत्री साधना एवं यज्ञ के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि गायत्री के संदेश को सरल एवं वैज्ञानिक पद्धति से जन-जन तक पहुंचाकर समाज में सकारात्मक विचार, सद्भावना एवं संस्कारों का निर्माण किया जा सकता है.
कार्यक्रम में क्षेत्र के पत्रकारों का सम्मान भी किया गया जिसमें चंदूलाल चंद्राकर पत्रकारिता राज्य अलंकरण रोमशंकर यादव, सुरेंद्र शर्मा, देवेंद्र पटेल, मुकेश साहू, प्रेम देशमुख शामिल रहे. पत्रकारों को प्रतीक चिन्ह एवं गायत्री मंत्र चादर भेंट कर सम्मानित किया गया. प्रशिक्षण पश्चात सभी पुरोहितों को युग पुरोहित परिचय पत्र एवं यज्ञ सम्बन्धी बुकलेट का वितरण किया गया.

1008 दीपों की मंत्राहुति से विश्व कल्याण के लिए की प्रार्थना
कार्यक्रम के अंतिम चरण में 1008 दीपों से दीप महायज्ञ का आयोजन किया गया. गायत्री मंत्रों के सामूहिक उच्चारण के साथ दीप प्रज्वलन का दृश्य श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहा. दीप यज्ञ में उपस्थित साधकों, पुरोहितों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की.
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जन्म शताब्दी वर्ष को जनजागरण, संस्कार निर्माण एवं सामाजिक चेतना के अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया.
गायत्री परिवार दुर्ग ब्लॉक समन्वयक डॉ एन के सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य केवल पुरोहित प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर गृहे-गृहे यज्ञ की परंपरा को मजबूत करना है. गायत्री परिवार द्वारा माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 को विशेष अवसर के रूप में लेते हुए प्रत्येक गांव और प्रत्येक घर तक यज्ञ, गायत्री साधना एवं संस्कारों का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया गया है.
गायत्री परिवार दुर्ग जिला समन्वयक लोकनाथ साहू के अनुसार यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि वातावरण शुद्धि, विचार शुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है. इसी भावना के साथ पुरोहितों को प्रशिक्षित कर उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों एवं परिवारों तक गायत्री विचारधारा और संस्कारों का संदेश पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है.

कार्यक्रम में जिला समन्वयक लोकनाथ साहू, दुर्ग ग्रामीण समन्वयक नरेंद्र सिंहा, रामेश्वर निषाद, डॉ. सी.एल. साहू, राधेश्याम, देवी प्रसाद, तुलाराम, उमेश, गिरधर साहू, मन्नू लाल, राजेंद्र, टेमन साहू, आदित्य भारद्वाज, हिमांशु साहू, युवराज साहू, राजकुमार साहू, दिलीप दिल्लीवार, महेश कुमार बेलचंदन, राजकुमार ठाकुर, सुनीती साहू, सीता देशमुख, दिनेश्वर लाल यादव, गिरधर लाल साहू, मन्नू लाल हिरवानी, अरुण कुमार साहू, जनार्दन साहू, तुलाराम साहू, राजेश कुमार साहू, लिखेन्द्र साहू, मोहन लाल साहू, सुनीता पटेल, कमलेश हिरवानी, गोदावरी साहू, चन्द्रिका पटेल, भारती साहू, कोकिला साहू, कमलेश्वरी यादव, सुशीला देवांगन एवं द्रौपती साहू सहित बड़ी संख्या में साधक, पुरोहित एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
