42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
धमतरी- जिले में और कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा तथा जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. 13 सितंबर की सुबह 8 बजे की स्थिति में जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव का स्तर तेजी से बढ़ा है. गंगरेल जलाशय 97.16 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली 99.47 प्रतिशत, दुधावा 94.83 प्रतिशत और सोदुर जलाशय 76.58 प्रतिशत भर चुका है.
वर्तमान में गंगरेल जलाशय में 40,390 क्यूसेक, मुरुमसिल्ली में 1,804 क्यूसेक, दुधावा में 4,009 क्यूसेक तथा सोदुर जलाशय में 118 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है.
गंगरेल बांध के 7 गेट खोलकर 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
आगामी वर्षा तथा जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को ध्यान में रखते हुए गंगरेल बांध के 7 गेट खोलकर लगभग 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. रुद्री बैराज के माध्यम से इसमें से लगभग 5,500 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा लगभग 37,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है. जलाशय में पानी की आवक और आगामी वर्षा की स्थिति को देखते हुए पानी निकासी की मात्रा को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है.
पानी की निकासी के कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी के किनारे बसे गांवों में प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है. संबंधित विभागों एवं मैदानी अमले को लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
नदी-नालों से दूर रहें, अनावश्यक जोखिम न लें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी, नाले, रपट, छोटे पुल-पुलिया एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें. अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार न करें. तेज बहाव वाले पानी में वाहन अथवा पैदल जाने का प्रयास न करें. बच्चों को नदी-नालों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें.
यदि किसी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है, तो नागरिक प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाएं तथा प्रशासन एवं राहत दलों के निर्देशों का पालन करें.
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि “जिले में लगातार वर्षा और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन द्वारा पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है, जिसके कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है. नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें. किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें.”
उन्होंने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है. नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन के साथ सहयोग से किसी भी संभावित परिस्थिति का सुरक्षित ढंग से सामना किया जा सकता है.”
