गायत्री शक्तिपीठ में गुरु भक्ति की बही बयार, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी गई पूज्य गुरुवर व मां गायत्री को आहुतियां
राजनांदगांव - अखिल गायत्री परिवार के संस्थापक, वेद तपोनिष्ठ पूज्य गुरुदेव राम शर्मा आचार्य को गुरु पूर्णिमा के दिन गायत्री परिजनों ने उन्हें पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ स्मरण किया हुए उन्हें गुरु रुप में पूजन -वंदन किया गया. इस दौरान शक्तिपीठ मे आयोजित पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आदिशक्ति मां गायत्री व पूज्य गुरुवर को आहुतियां प्रदान की गई. इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ में युग संगीत के माध्यम से भजन कीर्तन का माहौल बना रहा वहीं पुरोहितों के मुख से निसृत हो रहे वैद मंत्र के बीच विभिन्न संस्कार भी संपन्न किए गए.
अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की प्रेरणा
बता दें कि गायत्री शक्तिपीठ में 28 जुलाई की सुबह से सामूहिक मंत्र जाप का कार्यक्रम आयोजित रहा जिससे बड़ी संख्या में गायत्री परिजनों ने भाग लिया. दूसरे दिन बुधवार 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा आचार्य जी का पाद पूजन- वंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में गायत्री परिजनों व सत्य सनातन धर्मियों ने भाग लेकर गुरु चरणों में अपने श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए.
इस दौरान उपस्थित शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सूर्यकांत चितलाग्यां, प्रबंध ट्रस्टी बृजकिशोर सुरजन, नंदकिशोर सुरजन, जयंती भाई पटेल, मुरली धर चौधरी आदि ने बताया कि गुरु पूर्णिमा अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने की प्रेरणा देने वाला पुनीत पर्व है. इस दिन सद् गुरुओं की पूजा होती है. उन्होंने बताया कि गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि वह तत्व हैं जो हमारे जीवन को सही दिशा, विचार और संस्कार प्रदान करते हैं. इसी तरह विभिन्न संस्कार संपन्न कर रहे पुरोहित सुखनंदन नृपाराम जी, डॉ. दुलेश्वर ,राधेश्याम मौर्य ,व्यास नारायण कौशिक ने बताया सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना गया है, गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अपने सद्गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता समर्पित करने का विशेष अवसर है. यह शुभ तिथि महान ग्रंथ महाभारत व पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का प्राकट्य दिवस भी है, जिन्हें जगतगुरु माना जाता है. इस दिन शिष्य अपने पूज्य गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलने, जीवन में शुभ विचारों को अपनाने और समाज कल्याण का संकल्प लेते हैं.
इदं नमम् स्वाहा, की रही गूंज
शक्तिपीठ के व्यवस्थापक भाई ओमप्रकाश राठौर ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंदिर में पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इदं नमम् स्वाहा की ध्वनि उच्चारण करते हुए सैकड़ों भक्तों ने यज्ञीय आहुतियां प्रदान की. इससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया जिसमें नहा कर लोगों ने दिव्यता की अनुभूति महसूस की.
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर के पुरोहितों द्वारा वैदिक रीति से दीक्षा, जनेऊ (यज्ञोपवीत), मुंडन एवं पुंसवन जैसे विभिन्न संस्कार भी संपन्न कराए गए. अंत में महाप्रसादी का वितरण किया गया. इस अवसर पर मोहन भाई पटेल, गोविंद भाई, ईश्वर साहू , बद्रीनाथ महोबिया, गोपाल चौरसिया,भेष कुमार, वर्षा अग्रवाल,सरोज सिन्हा दीदी, उषा महोबिया अलका सुरजन, सुषमा सुरजन,अंजनी कोशा, जयंती राठौर, राजेश सोनी, रमेश च्यवन सहित अनेक वरिष्ठ परिजन, प्रबुद्ध नागरिक एवं बड़ी संख्या में परिव्राजक भाई-बहन उपस्थित थे. मंदिर समिति द्वारा सभी परिजनों का पूज्य गुरुदेव से सभी के उज्ज्वल भविष्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की गई.


