गूगल सर्च के माध्यम से प्रार्थी को FIRSTIFY नामक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर बनाया गया था शिकार

रायपुर- FOREX ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना न्यू राजेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजस्थान से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी बहादुर आर्य निवासी न्यू राजेन्द्र नगर, ने थाना न्यू राजेन्द्र नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 अप्रैल 2026 को उसने अपने मोबाइल से गूगल पर FOREX ट्रेडिंग सर्च किया, जहां एक वेबसाइट के माध्यम से उसका मोबाइल नंबर FIRSTIFY नामक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया. ग्रुप के सदस्यों ने अधिक लाभ का प्रलोभन देकर उसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया तथा मोबाइल नंबर 9112785936 एवं 9657985627 से लगातार संपर्क कर FOREX ट्रेडिंग में निवेश कराया. आरोपियों के झांसे में आकर प्रार्थी एवं उसके भतीजे नेे विभिन्न किस्तों में कुल 74,00,000/- रूपये निवेश किए. इसके बाद आरोपियों ने न तो किसी प्रकार का लाभ दिया और न ही निवेश की गई राशि वापस की. इस प्रकार आरोपियों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी निवेश योजना के माध्यम से प्रार्थी एवं उसके भतीजे से कुल 74,00,000/- रूपये की ऑनलाइन ठगी कर आर्थिक क्षति पहुंचाई. प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध क्रमांक 159/26 धारा 318(4) बीएनएस, 66(डी) आईटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया.
घटना को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) संदीप पटेल एवं पुलिस उपायुक्त (क्राईम एण्ड साईबर) स्मृतिक राजनाला द्वारा गंभीरता से लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आरोपी की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट एवं थाना न्यू राजेन्द्र नगर की संयुक्त टीम द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच प्रारंभ की गई.
जांच के दौरान आरोपियों द्वारा संपर्क हेतु उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया. साथ ही जिस टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से प्रार्थी को निवेश के लिए जोड़ा गया था, उस ग्रुप में शामिल सदस्यों, एडमिन, यूजर आई.डी., डिजिटल गतिविधियों तथा उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया. इसके अतिरिक्त आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए व्हाट्सएप अकाउंट, डिजिटल प्रोफाइल एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भी गहन जांच की गई.
जांच के दौरान मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, टेलीग्राम एवं अन्य डिजिटल आई.डी. के बीच आपसी कड़ियों (Chain Analysis) को जोड़ते हुए तकनीकी साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण एवं बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करते हुए उनकी लोकेशन राजस्थान राज्य में प्राप्त हुई.
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संयुक्त पुलिस टीम तत्काल राजस्थान रवाना हुई तथा वहां लगातार कैम्प कर तकनीकी साक्ष्यों एवं स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की सतत पतासाजी की गई. अथक प्रयासों के पश्चात टीम द्वारा आरोपी मुकेश कुमार मीणा एवं संदीप कुमार को पकड़ा गया.
प्राप्त तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया.
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कब्जे से घटना में प्रयुक्त 03 नग मोबाईल फोन जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया. जप्त मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के नेटवर्क, अन्य सहयोगियों तथा देश के अन्य राज्यों में की गई संभावित ठगी की घटनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके.
प्रकरण में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. साथ ही उनके बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों, मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया आई.डी. का विश्लेषण कर गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है. फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपी –
- मुकेश कुमार मीणा पिता मूलचंद मीणा उम्र 26 साल निवासी ग्राम डोला का बांस थाना कालाडेरा जिला जयपुर (राजस्थान).
- संदीप कुमार पिता रामलाल उम्र 24 साल निवासी शाहपुरा थाना जाजोत जिला सीकर (राजस्थान).
