डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान सदैव राष्ट्र की एकता व अखंडता का मार्ग प्रशस्त करेगा: दीपेश शेंडे
राजनांदगाव- भारतीय जनता पार्टी, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री दीपेश शेंडे ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर उन्होंने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र के प्रति असीम समर्पण और उनके द्वारा ‘एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान’ के लिए किए गए संघर्षों को याद किया.
श्री शेंडे ने कहा कि, 23 जून 1953 का दिन भारतीय इतिहास का वह काला अध्याय है, जब हमने राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को खोया था. कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उन्होंने जो बलिदान दिया, वह आज भी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है.”
शेंडे ने आगे कहा कि डॉ. मुखर्जी का सपना था कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत एक सूत्र में बंधा रहे. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त कर और कश्मीर में शांति व विकास का नया युग लाकर, भाजपा सरकार ने डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार किया है. यही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है.
जिला महामंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हमें डॉ. मुखर्जी के सिद्धांतों और विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाना है और एक सशक्त, समर्थ और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देना है. उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस विशेष दिवस पर संकल्प लें कि राष्ट्र सेवा और सामाजिक उत्थान के कार्य में सदैव अग्रणी रहेंगे.
