डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ फोरलेन मार्ग निर्माण को मिली गति, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में
राजनांदगांव – डोंगरगढ़ को देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रस्तावित 8 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ फोरलेन मार्ग निर्माण परियोजना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. इस परियोजना को वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट में शामिल किया गया था तथा राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 18 मार्च 2025 को 55 करोड़ 45 लाख 57 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी.
कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित फोरलेन मार्ग की कुल लंबाई 8 किलोमीटर होगी. जिसमें से 4.475 किलोमीटर भाग शासकीय भूमि पर तथा 3.525 किलोमीटर भाग निजी भूमि पर निर्मित किया जाएगा. परियोजना के लिए कुल 6.386 हेक्टेयर (लगभग 15.78 एकड़) निजी भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव है.
इस परियोजना से ग्राम गाजमर्रा, राजकट्टा, कुर्रूभाठ एवं छीरपानी के 46 किसान प्रभावित होंगे. प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करने के लिए लगभग 6 करोड़ 33 लाख 22 हजार 720 रुपये का अवार्ड प्रस्ताव कलेक्टर राजनांदगांव के समक्ष प्रस्तुत किया गया है.
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के अंतर्गत चारों ग्रामों में सार्वजनिक सूचना जारी की जा चुकी है तथा किसानों की सहमति प्राप्त करने सहित अन्य वैधानिक कार्यवाही प्रचलन में है. परियोजना क्षेत्र में अवैध एवं अनधिकृत भूमि क्रय-विक्रय की संभावनाओं को रोकने तथा मूल भू-स्वामियों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम भी उठाए गए हैं.
यह परिक्रमा पथ डोंगरगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को बेहतर संपर्क प्रदान करेगा. मार्ग से प्रज्ञागिरि बौद्ध विहार, मां बम्लेश्वरी मंदिर, जटा शंकर पहाड़ी, चंद्रगिरि जैन मंदिर, प्रतिभा स्थल, सतनाम तीर्थ स्थल तथा खाटूश्याम मंदिर तक पहुंच अधिक सुगम और सुरक्षित होगी.
लोक निर्माण विभाग के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात लगभग 18 माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. प्रस्तावित फोरलेन मार्ग की चौड़ाई औसतन 25 मीटर होगी.
परियोजना के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिलेगी, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार एवं अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी तथा डोंगरगढ़ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और समग्र विकास को बल मिलेगा.
मुख्य तथ्य एक नजर में –
कुल परियोजना लागत : ₹55.45 करोड़
प्रशासनिक स्वीकृति : 18 मार्च 2025
कुल मार्ग लंबाई : 8.00 किमी
शासकीय भूमि पर मार्ग : 4.475 किमी
निजी भूमि पर मार्ग : 3.525 किमी
अधिग्रहित की जाने वाली निजी भूमि : 6.386 हेक्टेयर (लगभग 15.78 एकड़)
प्रभावित ग्राम : गाजमर्रा, राजकट्टा, कुर्रूभाठ एवं छीरपानी
प्रभावित किसान : 46
प्रस्तावित मुआवजा राशि : ₹6.33 करोड़
मार्ग चौड़ाई : औसतन 25 मीटर
निर्माण पूर्णता लक्ष्य : निविदा प्रक्रिया के बाद लगभग 18 माह
