भिलाई परिवार चौक में भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान दिवस मनाया
भिलाई – जननायक ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद (जिला दुर्ग) के तत्वावधान में मंगलवार को भिलाई के सिविक सेंटर स्थित ‘परिवार चौक’ में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान उपस्थित समाज प्रमुखों और नागरिकों ने बिरसा मुंडा के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके ऐतिहासिक संघर्ष, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया.
बिरसा मुंडा के आंदोलन को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके उलगुलान (विद्रोह) ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी थी. बिरसा मुंडा ने केवल आदिवासियों को ही नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन के संघर्ष में ओबीसी (OBC) और अन्य पिछड़े वर्गों को भी एकजुट किया. उनके इस व्यापक सामूहिक विद्रोह का ही परिणाम था कि ब्रिटिश हुकूमत को झुकना पड़ा और वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्थानीय लोगों को उनके अधिकार देने पड़े. उनका सीधा और स्पष्ट संदेश था—अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा. उन्होंने “अबुआ दिशुम, अबुआ राज” (हमारा देश, हमारा राज) का नारा बुलंद किया था.

आज भी देश में बिरसा उलगुलान की आवश्यकता : चंद्रभान
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह ठाकुर ने वर्तमान परिदृश्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश जिन हालातों से गुजर रहा है, वहाँ फिर से बिरसा मुंडा के विचारों और उनके ‘उलगुलान’ (क्रांति) को आत्मसात करने की जरूरत है. देश में लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में है और करोड़ों युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं. किसान सही न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने और कर्ज के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं, वहीं नई लेबर नीति मेहनतकश मजदूरों की कमर तोड़ रही है. देश में महिला सुरक्षा आज भी एक बड़ा चिंता का विषय बनी हुई है, साथ ही बढ़ती महंगाई और बिगड़ती अर्थव्यवस्था आम जनमानस को प्रताड़ित कर रही है. देश भर में आदिवासियों पर उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं. जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और जबरन विस्थापन के खिलाफ आज भी लोग सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर हैं. इन तमाम जलते सवालों से निपटने के लिए बिरसा मुंडा के सिद्धांतों पर चलना जरूरी है.
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद कि प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकला तारम, प्रदेश कोषाध्यक्ष शंतानू मरकाम, प्रदेश सचिव युवराज ठाकुर, गोंडवाना गणतंत्र जिलाध्यक्ष रामचंद्र ध्रुव, केंद्रीय धमधागढ़ महिला अध्यक्ष संगीता सोरी, हल्बा समाज महिलाध्यक्ष चंद्रीका रावत, महिला अध्यक्ष दिनेश्वरी भुआर्य, शेलेन्द्री मंडावी, शिव कुमारी, पीके भुआर्य, ईश्वर भंडारी,भागवत मरकाम, भुवनेश्वरी उइके, अवि मरकाम, कोमल नेताम, कमलेश नेताम, विक्की मंडावी, भानू ठाकुर शामिल हुए.
