भिलाई के सुरक्षा प्रभागों ने जाना स्व शक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण का महामंत्र
भिलाई- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के सुरक्षा प्रभाग द्वारा मंगलवार को दुर्ग के रक्षित आरक्षी केंद्र से ‘स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण’ अभियान का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में सुरक्षा बलों, पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को मानसिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनने का संदेश दिया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत सुकमा-कोंटा में शहीद हुए जवान आकाश राव गिरेपूंजे की प्रथम पुण्यतिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने श्रद्धांजलि के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के ज्वाइंट डायरेक्टर कैप्टन शिव सिंह ने कहा कि फिजिकल ट्रेनिंग में हम सब दक्ष होते हैं लेकिन मन से स्ट्रांग सशक्त होना भी आवश्यक है. शांत मन और स्वस्थ शरीर के साथ देश की सुरक्षा में हमारा योगदान सर्वोपरि है.स्थिर शांत मन शक्तिशाली होता है. मन को शांत और बुद्धि को एकाग्र करना आवश्यक है, स्थिर शांत मन शक्तिशाली होता है. हम मन से कमजोर है तो परिस्थितियों हम पर भारी है. प्रकृति का नियम है शक्तिशाली कमजोर को प्रभावित करती है. हम उन चीजों को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं जो हमारे कंट्रोल में नहीं है, जिससे हमें तनाव का सामना करना पड़ता है. प्रकृति का नियम है कमजोर को शक्तिशाली प्रभावित करता है अगर मैं शक्तिशाली हूं तो मेरा प्रभाव कमजोर चीजों पर पड़ेगा इसीलिए मुझे अंदर से शक्तिशाली बनना है.

अपने बारे में जानना ही आध्यात्मिकता
शैलेंद्र सिंह माउंट आबू नेशनल कोऑर्डिनेटर सिक्योरिटी सर्विसेज विंग ने कहा कि आध्यात्मिकता कठिन नहीं बहुत सरल है, अपने बारे में जानना ही आध्यात्मिकता है, हमारे अंदर आंतरिक शक्तियां हैं जिसे राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से हमारे व्यवहार और स्वरूप में लाना है. आज अनगिनत बातें विचार मोबाईल के रूप में हमारे हाथ में आज हजारों चैनल है और अनगिनत बातें सोशल मीडिया हमारे मोबाइल के द्वारा हमारे हाथ में है,तो हम जितना ज्यादा सोचेंगे देखेंगे वह हमारे संकल्पों के द्वारा फैलता है. प्रॉब्लम मन में है और हम इलाज शरीर का करवाते हैं.
सेवानिवृत कर्नल बी सती जी ने सुरक्षा जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को मुश्किलों के समय में कार्य स्थल पर जाना पड़ता है. आध्यात्मिकता हमें सही गलत का फर्क बताकर श्रेष्ठ भाव से कम करने की प्रेरणा देती है
आपने कारगिल युद्ध के समय अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आध्यात्मिकता कहती है कि दुख देना गलत है,लेकिन दुश्मन को खत्म करना देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है यदि मैं यह कार्य काम, क्रोध, लोभ, मोह, के वश होकर किया तो वह विकर्म बनता, लेकिन मैंने देश की सुरक्षा के लिए दुश्मनों का संहार किया. आध्यात्मिकता हमें सही और गलत का फर्क बताती है कि हम कर्म किस भाव से कर रहे हैं.
निगेटिव विचार से मन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होती है
मोटिवेशनल ट्रेनर ई वी स्वामीनाथ ने बताया कि मन का भोजन अच्छे या बुरे विचार होते हैं हमारे विचार ब्रेन को पॉपकॉर्न की तरह एक-एक मिनट में स्विच बदलता है जितना ज्यादा स्विच होगा उतना ज्यादा तनाव होगा. निगेटिव विचार से मन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है. विचार शून्य हो जाना मेडिटेशन एकाग्रता नहीं है विचार रुकते नहीं है उन्हें दिशा देना पड़ता है विचारों का उत्पन्न होना ही प्रमाण है कि मैं जीवित हूं.

महाभारत में एकाग्रता का महत्व
अपने महाभारत में कौरव पांडवों को गुरु द्रोणाचार्य जी की एकाग्रता की शिक्षा के बारे में बताया कि आज की शिक्षा प्रणाली में एकाग्रता को छोड़कर सभी विषय मौजूद है. एकाग्रता अर्थात मन बुद्धि को जब चाहूं जहां चाहूं एकाग्र कर सकूं.परमात्मा को चिंता तनाव सौंप कर उसका बच्चा बनकर रहे.
ब्रह्माकुमारी दीपा दीदी ने सभी अधिकारी और जवानों को होमवर्क दिया कि आप सभी रात्रि को सोने से पहले अपने पद पोजीशन चिंता तनाव को परमात्मा को सौंपकर (आई एम गॉड ऑफ चाइल्ड) मैं परमात्मा का बच्चा हूं मेरी जिम्मेदारी आपकी 5 मिनट के अभ्यास करके ही सोये. वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी, ब्रह्माकुमारी दीपा दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन द्वारा गहन शांति की अनुभूति कराई. कार्यक्रम में विशेष रूप से दुर्ग से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रुपाली दीदी भी उपस्थित रही.
इन सुरक्षा प्रभागों में हुए आयोजन
दसशस्त्र सीमा बल रिसाली (एस एस बी), (बीएसएफ) बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स मरोदा, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल सेनानी सातवीं वाहिनी भिलाई, सीआईएफ सेक्टर 3, रक्षित आरक्षी केंद्र दुर्ग में “स्व शक्ति करण से राष्ट्र का सशक्तिकरण” में हुए कार्यक्रम.
अधिकारीगण मुख्य रूप से रहे उपस्थित
चंद्र प्रकाश तिवारी जी डी एस पी दुर्ग, रंजीत सिंह डीआईजी, शंकर प्रसाद बरनवाल सेकंड कमांडेंट, शैलेश डिप्टी कमांडेंट (एस एस बी मरोदा) प्रज्ञा मेश्राम डिप्टी कमांडेंट सातवीं वाहिनी,कंपनी कमांडेंट वाल्मीकि प्रसाद, सूबेदार ओंकार साहू, संजय पंत इंस्पेक्टर जनरल एल मीणा डी आई पी एस ओ, अनिल कुमार तिग्गा डी आई, एच एस रावथेला डीआईजी सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा से जुड़े जवानों अधिकारियों ने स्वास्थ्य शक्ति करण से राष्ट्र सशक्तिकरण अभियान द्वारा तनाव मुक्त जीवन का लाभ प्राप्त किया. डीएसपी सत्य प्रकाश भिलाई ने ब्रह्माकुमारी संस्था तथा आए अतिथियों का इस अभियान के लिए आभार व्यक्त किया.
