हथखोज स्थित गोदाम में छापेमारी, एक करोड़ से ज्यादा का 250 टन लोहा जब्त
दस्तावेज नहीं दिखा सके संचालक
भिलाई- Bhilai Steel Plant में लगातार सामने आ रही लोहे, स्क्रैप, कॉपर वायर और मशीन पार्ट्स चोरी की घटनाओं ने संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. देश के सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों में शामिल BSP में कड़ी CISF सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में दुर्ग पुलिस द्वारा हथखोज स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का लगभग 250 टन लोहा जब्त किए है. छावनी सीएसपी प्रशांत सिंह पैकरा और भिलाई-3 थाना प्रभारी अंबर भारतद्वाज की टीम ने गोदाम और मौजूद लोगों से जब्त लोहे के दस्तावेज मांगे लेकिन कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं करे सके. इसके बाद पुलिस ने पूरे माल को कब्जे में लेकर कार्रवाई की गई. यह मामला फिर चर्चा में आ गया है.
सूत्रों के अनुसार, संयंत्र के भीतर सक्रिय कबाड़ी नेटवर्क और कुछ अंदरूनी लोगों की कथित मिलीभगत से लंबे समय से लोहे और कीमती धातुओं की अवैध निकासी की जा रही है. कई मामलों में ट्रकों, मॉडीफाइड वाहनों और स्क्रैप सामग्री के बीच छिपाकर चोरी को अंजाम दिया गया. भारी सुरक्षा व्यवस्था, सैकड़ों CISF जवानों की तैनाती और अत्याधुनिक CCTV निगरानी के बावजूद लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
लगातार सामने आए बड़े चोरी के मामले
फरवरी 2026 : भट्ठी थाना पुलिस ने जल भवन के पीछे स्थित प्रोपेन प्लांट से कॉपर वायर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया.
मार्च 2026 : ब्लास्टिंग यार्ड के प्रतिबंधित क्षेत्र से लगभग 1030 किलो लोहे का स्क्रैप चोरी करते मुख्य आरोपी को पकड़ा गया.
दिसंबर 2023 : कार में गुप्त डिग्गी बनाकर 170 किलो महंगा कॉपर वायर चोरी करने वाले हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ.
नवंबर 2023 : बोरिया गेट स्टोर से लगभग 32 लाख रुपये मूल्य के 16 मैग्नेटिक क्वाइल चोरी हुए, जिन्हें बाद में पुलिस ने बरामद किया.
अगस्त 2023 : यूनिवर्सल रेल मील से 39 लोहे की सेंट्रिंग प्लेट चोरी मामले में 3 नाबालिगों सहित 13 आरोपी पकड़े गए.
सितंबर 2022 : FSNL यार्ड में रिजेक्टेड आयरन ब्लूम के नीचे छिपाकर 310 किलो आयरन प्लेट ले जाते हुए CISF ने चार लोगों को रंगे हाथ पकड़ा.
जून 2015 : प्लेट मिल स्पेयर यार्ड से 65 लाख रुपये कीमत के 5 भारी औद्योगिक नट चोरी हुए थे. इस मामले में मुख्य आरोपी को मई 2025 में गिरफ्तार किया गया.
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अत्याधुनिक सुरक्षा और CISF निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में लोहा और औद्योगिक सामग्री संयंत्र से बाहर कैसे पहुंच रही है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अंदरूनी सहयोग के इतने बड़े स्तर पर चोरी संभव नहीं है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा और राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है. करोड़ों रुपये की सामग्री चोरी होने से संयंत्र की उत्पादन व्यवस्था और राजस्व पर भी असर पड़ सकता है.
स्वतंत्र जांच की मांग तेज
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, CCTV निगरानी को और मजबूत करने, सुरक्षा कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तथा स्क्रैप प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग की है. लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच BSP प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.
