टॉवर पर चढ़कर 22 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
जशपुर- कुनकुरी थाना क्षेत्र के धुमाडांड गांव की 22 वर्षीय युवती ने टॉवर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. जानकारी के अनुसार, नीलिमा लकड़ा पिछले काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी. वह अक्सर मोबाइल पर फांसी लगाने से जुड़े वीडियो देखा करती थी. परिजनों ने उसका इलाज और झाड़-फूंक भी कराया था, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति ठीक होती थी, लेकिन बाद में फिर बिगड़ जाती थी. परिजनों ने बताया कि युवती का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था और वह उसी के साथ रहती थी. साल भर पहले भी एक मामूली विवाद के बाद उसने आम के पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास किया था, लेकिन तब उसे बचा लिया गया था.
अगले सुबह करीब 5 बजे, थाने के सामने रहने वाले एक व्यक्ति ने उसे टावर पर चढ़कर मोबाइल से बात करते देखा और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने डायल 112 के जरिए उसका नंबर लेकर उससे बात की और उसे नीचे उतरने के लिए मना भी लिया था. युवती नीचे आने के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन इसी बीच वह मोबाइल पर कोई वीडियो देखने लगी और अचानक फंदे पर झूल गई. फिलहाल पुलिस ने शव को टावर से नीचे उतार लिया है और मामले की जांच की जा रही है.
इस संवेदनशील मामले को लेकर Indian National Congress Chhattisgarh ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा कर सरकार और कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं. कहा कि बेहद शर्मनाक, दुखद और चिंताजनक मुख्यमंत्री के अपने गृह क्षेत्र कुनकुरी में थाना परिसर के भीतर एक आदिवासी युवती का शव फंदे पर लटका मिलता है… और साय सरकार “सुशासन तिहार” मनाने में व्यस्त है. 22 वर्षीय युवती आखिर किस उम्मीद से थाने पहुंची थी? उसकी शिकायत क्यों नहीं सुनी गई और थाने के भीतर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि एक आदिवासी बेटी को अपनी जान देनी पड़ी?
जब युवती टॉवर पर चढ़ी तब पुलिस क्या कर रही थी ? उसे बचाया क्यों नहीं जा सका? अब परिवार पर दबाव बनाकर उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ साबित करने की कोशिश कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है. मुख्यमंत्री जी, आपके अपने गृह क्षेत्र में आदिवासी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. अगर आप अपने ही इलाके में कानून व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रहे, तो पूरे छत्तीसगढ़ की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस मामले में उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले.
