छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के सटोरिये दबोचे गए, अब तक 100 सटोरिये सलाखों के पीछे
रायपुर- राजधानी रायपुर पुलिस कमिश्नरेट (DCP क्राइम एवं साइबर) ने ऑनलाइन सट्टा गिरोहों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है. पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला के मार्गदर्शन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की टीमों ने कोलकाता (पश्चिम बंगाल) और गुरुग्राम (हरियाणा) में दबिश देकर 72 घंटे के भीतर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई में रायपुर, रायगढ़ और दुर्ग के बड़े सट्टा पैनल नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं.
4 थानों की संयुक्त कार्रवाई और जप्त सामग्री
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव कुमार शुक्ला और एडिशनल कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले के निर्देश पर थाना तेलीबांधा, न्यू राजेन्द्र नगर, मौदहापारा और तिल्दा नेवरा पुलिस ने यह संयुक्त ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल जप्त मशरूका: लगभग ₹50 लाख मूल्य की सामग्री. नगदी रकम: ₹17,92,070/, तकनीकी उपकरण: 04 लैपटॉप और 59 मोबाइल फोन. घटना में प्रयुक्त 1 चारपहिया वाहन. इसके अलावा बड़ी मात्रा में एटीएम कार्ड (74 नग), पासबुक और चेकबुक भी बरामद किए गए हैं.
बड़े गैंग और नामी ऑनलाइन पैनलों का खुलासा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पकड़े गए आरोपी LOTUS365, LION4, wb03faltu, Naseeb7777, Goldenexch, BETONLY99, UNCLEBET9, GRANDEXCH, POWEREXCH, Gold777, jmdbet777, silverbet777 और allpanel777 जैसे कुख्यात ऑनलाइन सट्टा पैनलों और आईडी के जरिए सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे. जांच में सामने आया है कि इस संगठित अपराध का मुख्य आरोपी रायगढ़ (खरसिया) निवासी अमन नत्थानी है, जो कोलकाता में पैनल बैठाकर रायपुर के राम लालवानी व अन्य पार्टनर्स के साथ मिलकर सट्टा चला रहा था. वहीं, एक अन्य आरोपी अमित जंघेल श्रीनगर में बैठकर अपने भाई के माध्यम से गोवा में ऑनलाइन पैनल ऑपरेट कर रहा था, जिसे टीम ने दबोच लिया है. तिल्दा में भी ‘NASEEB बुक’ का संचालन करने वाले सोनू फतनानी के भाई राहुल फतनानी और लोकल कलेक्शन एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है.
आरोपियों की संपत्ति होगी अटैच (कुर्क)
रायपुर पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक 18 मामलों में कुल 100 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब 4.29 करोड़ का मशरूका जप्त किया गया है. पुलिस ने साफ किया है कि इस बार न सिर्फ आरोपियों को पकड़ा गया है, बल्कि इतिहास में पहली बार पेमेंट गेट-वे पर भी कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही सभी आरोपियों की चल और अचल संपत्ति को राजसात (अटैच) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
