1.88 करोड़ का फ्रॉड उजागर: 250 खाते सील, 11 आरोपी जेल भेजे गए
दुर्ग- छत्तीसगढ़ के दुर्ग में सायबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. मोहन नगर पुलिस ने 2 और सुपेला पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल से संदिग्ध खातों में लेनदेन की रिपोर्ट मिली थी इसी के आधार पर दोनों थाना में केस दर्ज किया गया था पिछले 4 महीनों में चली इस विशेष अभियान के दौरान 150 से अधिक गिरफ्तारियां की गईं और देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े ठगों की कड़ी सामने आई.
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विभिन्न राज्यों में हुई सायबर ठगी की रकम को बैंक खातों में मंगवाकर अवैध लाभ कमा रहे थे. इस नेटवर्क में “म्यूल अकाउंट” (दूसरों के नाम पर इस्तेमाल किए जाने वाले खाते) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा था. पुलिस ने शिवधर साहू, गोविंदा डहरिया, साहिल टेम्बेकर, धमेंद्र सिंह, एस.त्रिमोला, प्रदीप उइके, भोजराज प्रजापति, हेमंत साहू, सन्नी चौहान, प्रिया सिंह और आरती मारकण्डे को गिरफ्तार किया है.
क्या है “म्यूल अकाउंट” अपराध?
पुलिस के अनुसार, अपने बैंक खाते को किराए पर देना या किसी और को इस्तेमाल करने देना भी अपराध की श्रेणी में आता है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 और 318 के तहत इसमें सीधे जेल का प्रावधान है.
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा न करें. म्यूल खाते उपलब्ध कराना भी दंडनीय अपराध है. सायबर ठगी से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल पुलिस को जानकारी दें.
