भाजपा नेता की खेत में अफीम की खेती: पार्टी ने किया निलंबित, इधर पूर्व CM बघेल पहुंचे बीजेपी नेता की खेत पर
दुर्ग- दुर्ग में भाजपा नेता के खेत में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज मौके पर पहुंचे. वहीं इस घटना से फजीहत होने के बाद भाजपा ने बीजेपी नेता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. आपको बता दे इस मामले को लेकर जहां कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं जिला प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रही है.

गौरतलब है कि ये पूरा मामला दुर्ग के समोदा गांव का है. जहां भाजपा किसान मोर्चा के नेताओं के खेत में अफीम की खेती का मामला सामने आया था. अफीम की खेती की सूचना मिलने पर पुलिस ने 6 मार्च को खेत में छापामार कार्रवाई की थी. जिसमें डेढ़ एकड़ के करीब खेत में अफीम के पौधे बरामद हुए. पुलिस की जांच में ग्राम समोदा और झेंजरी के बॉर्डर पर स्थित खेत में अफीम की खेती मिली है. कुल 9 एकड़ 92 डिसमिल जमीन है. जिसमें मक्के के फसल के बीच करीब 4 से 5 एकड़ में अफीम किये जाने की बात कही जा रही है. मौके पर पहुंची पुलिस को फिलहाल डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की फसल मिली है. 9 एकड़ में की जा रही अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है.
वहीं प्रदेश में अफीम की पहली खेती के राजधानी तक मची हलचल से प्रशासन भी हरकत में आया. कलेक्टर अभिजीत सिंह ने रात में समोदा गांव पहुंचकर अफीम की फसलों का निरीक्षण किया. जानकार अधिकारियों ने मौके पर खेत में अफीम की खेती की पूरी जानकारी दी.
पूर्व CM बघेल पहुंचे बीजेपी नेता की खेत पर
पूर्व सीएम भूपेश बघेल आज बीजेपी नेता के खेत में पहुंच गये. बघेल के पीछे उनके सैकड़ों समर्थक और स्थानीय ग्रामीण भी खेत तक पहुंचने लगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेता का फार्महाउस करीब 150 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें चारागाह की भूमि भी शामिल है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का सांसद, विधायक और कलेक्टर के साथ उठना बैठना है उन्होंने आगे कहा कि पहले नशा पंजाब और अन्य राज्यों में सप्लाई होता था लेकिन अब दुर्ग जिले में ही अफीम की खेती शुरू हो गई है और इसकी नेटवर्क कितनी फैली है इसकी जांच होनी चाहिए.

पूर्व मुख्मंत्री भूपेश बघेल नेे सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
Part 2- ‘सुशासन’ मतलब ‘सूखा नशा आसन’
यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का है. जो दुर्ग के ग्राम समोदा में स्थित है.
इन तस्वीरों को ध्यान से देखिए…फिर याद कीजिए कि कुछ दिन पहले विधानसभा में मैंने सूखे नशे के विषय में गृहमंत्री विजय शर्मा से कुछ सवाल किए थे और गृहमंत्री गोलमोल जवाब देते नजर आए थे.
सूखे नशे की तस्करी में लिप्त नव्या मलिक, जिसका नाम प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है, उसका जिक्र सरकार की लिस्ट में था ही नहीं.
पहले तो मुझे बड़ा अचंभा हुआ लेकिन अब जब कड़ियाँ जुड़ रही हैं तो समझ आ रहा है कि खेल बड़ा है.
कमल के फूल वाली पार्टी के नेता अपने 10 एकड़ खेत में अब अफ़ीम के पौधे और फूल उगा रहे हैं. आपको बता दूँ कि अवैध नशीला पदार्थ हेरोइन का निर्माण भी इसी अफ़ीम के पौधे से होता है.

इसी हेरोइन की सप्लायर नव्या मलिक भी थी. लेकिन नव्या मलिक अचानक से सरकार की सूची से बाहर कैसे हो गई?
क्या नव्या मलिक और भाजपा के सूखे नशे की फ़ैक्ट्री में भी कोई कनेक्शन है? क्या वो भाजपा की फ़ैक्ट्री के प्रोडक्ट की मार्केटिंग का काम कर रही थी?
ये बड़े सवाल हैं जो छत्तीसगढ़ की जनता के बीच तैर रहे हैं. जिस प्रकार से भाजपा के इस नेता का बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के साथ उठना-बैठना है, जिस प्रकार से सरकार की सूची से एक बड़ी नशा तस्कर का नाम गायब होता है, इन सब में कड़ियाँ जुड़ तो रही हैं.
अब जवाब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा को देना है.
उनको बताना होगा:
- अफ़ीम की इस खेती में कौन-कौन मंत्री/अधिकारी शामिल हैं?
- नव्या मलिक का नाम सरकार की लिस्ट से किसने बाहर किया?
- नव्या मलिक कितने बार विदेश गई और किसके साथ विदेश गई?
- विनायक ताम्रकार मुख्यमंत्री निवास में कब-कब आया है?
- विनायक ताम्रकार के किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संबंध हैं?
आपकी चुप्पी जनता के संदेह को विश्वास में बदल रही है.
जनता मान रही है कि भाजपा ही प्रदेश में सूखे नशे को बढ़ावा दे रही है जिसके कारण कानून व्यवस्था बदहाल है. होली के दिन सिर्फ राजधानी में ही 5 मर्डर हुए हैं.
