देशव्यापी हड़ताल: सेक्टर-1 चौक पर संयुक्त यूनियन और जिला मुख्यालय में किसान संगठनों का दिखा आक्रोश
दुर्ग- केंद्र सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ आज भिलाई-दुर्ग सहित जिले में हजारों मजदूर, किसान और श्रमजीवी वर्ग के लोग सड़क पर उतरे. राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत गुरूवार को भिलाई-दुर्ग के केंद्र सरकार के उपक्रमों और उद्योगों के कर्मचारी और श्रमिक तथा किसान आदि हड़ताल पर रहे. भिलाई में भिलाई इस्पात संयंत्र और औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों में भी हड़ताल का आंशिक असर देखा गया. वहीं दुर्ग में रसमड़ा के कई उद्योगों में भी यूनियनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. हड़ताल का मुख्य असर भिलाई में रहा. इंटक, सीटू,एटक, एक्टू, और लोईमू, एचएमएस, स्टील वकर्स यूनियन द्वारा सेक्टर-1 चौक पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यूनियन नेता ने प्लांट जाते कर्मियों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान करते रहे. यूनियनों ने केंद्र सरकार के श्रमिक विरोधी लेबर कोड को वापस लेने की मांग की. बताया कि मोदी सरकार 1 अप्रैल से नए चार श्रम संहितों को देश में लागू करने जा रही है. लेबर कोड लागू हो जाने से मजदूर,कर्मचारी के कई अधिकारों पर कुठाराघात होगा.

नए लेबर कोड में मजदूरों के काम की घंटे बढ़ा दिए जाएगें, महिला श्रमिकों की नाईट ड्यूटी अनिवार्य कर दी जाएगी, हड़ताल करने का अधिकार छिन जाएगा और पीड़ित मजदूर अदालत का दरवाजा भी नहीं खटखटा पाएगें. ऐसे ही श्रम विरोधी प्रावधानों को चार श्रम संहिताओं में शामिल किया गया है. श्रमिक नेताओं ने स्थानीय और उच्च प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लेबर कोड को तत्काल वापस लेने की मांग की साथ ही लंबित सेल वेतन समझौते के तहत लंबित एरियर का भुगतान भी करने की मांग की. इसके अलावा जिला व तहसील मुख्यालय में भी किसान संगठन और मजदूर यूनियनों द्वारा विरोध प्रदर्शन कर किसान और मजदूर विरोधी नीतियों को सरकार से वापस लेने की मांग की गई साथ ही महंगाई पर अंकुश लगाने पर जोर दिया गया.
