राजिम कुंभ मेला में न संत महात्माओं का सम्मान, न कलाकारों का मान, भारी सरकारी अव्यवस्था : धनंजय सिंह
रायपुर- राजिम कुम्भ मेला में साधु संतों एवं कलाकारों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार में राजिम कुंभ मेला के आयोजन में करोड़ो रुपया खर्च किया जा रहा है, लेकिन अव्यवस्था भारी है. आयोजन को लेकर साधु संत नाराज है ही, अब स्थानीय कलाकरों को भी अपमानित होना पड़ रहा है. कुम्भ के आयोजन के लिए बनाई गई समिति के सचिव ने साधु संतों का नाम काटने से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया. नाम काटे जाने से नाराज संतो ने विरोध प्रदर्शन कर कुम्भ से दूरी बना ली. अब स्थानीय कलाकारों को कुंभ में भोजन तक नहीं दिया गया. कांग्रेस मांग करती है राजिम कुंभ में अव्यवस्था के लिए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही की जाए.
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल में प्रदेश भ्रष्टाचारियों का चारागाह बन गया है. सरकारी आयोजनों में सरकारी खजाने की सेंधमारी हो रही है. आयोजन के नाम से लूट मचाया जा रहा है. बालोद में हुई जम्बूरी भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. कन्या विवाह का आयोजन भी आयोजन के पहले ही विवादों में पड़ गया, अब राजिम कुंभ भी भ्रष्टाचार के कारण सवालों के घेरे में है. स्थिति यह है भाजपा सरकार अपनी भ्रष्टाचार की सबूत मिटाने सरकारी दफ्तरों को आग हवाल कर रही है. पहले बिजली ट्रांसफ़र गोडाउन में आग लगी, फिर डीओ दफ्तर जला फिर आबकारी विभाग औऱ रायगढ़ के मत्स्य विभाग में आग लगी जिससे से महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए, ये सब भाजपा की भ्रष्टाचार के कारण हो रहा है. भाजपा सरकार के फोकस में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या शैक्षणिक आयोजन नहीं बल्कि केवल भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और काली कमाई में हिस्सेदारी है.
