पीएचई विभाग में अधिकारियों की मनमानी और व्याप्त समस्याओं को लेकर जिला पीएचई कांट्रेक्टर एसो. ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव- जिला पीएचई कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने जिले के पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग) में अधिकारियों की मनमानी और व्याप्त समस्याओं को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है.
ज्ञापन में कहा गया है कि पीएचई विभाग में अफसरों की मनमानी इस कदर है कि छोटे ठेकेदारों के भुगतान हेतु जो राज्यांश की राशि खंड कार्यालय को दी गयी थी, उसे मल्टीविलेज के बड़े ठेकेदारों को भुगतान करने हेतु उच्च विभाग द्वारा वापस ले लिया गया है. इससे छोटे ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पाया है. यही स्थिति पूरे प्रदेश में बनी हुई है. भुगतान न होने से ठेकेदारों को भारी आर्थिक एवं मानसिक संकटों से गुजरना पड़ रहा है. विगत एक साल से कभी इंपैनलमेंट के नाम पर, कभी पंचायत द्वारा हैंडओवर नहीं हो पाने के नाम पर, कभी हर घर जल सर्टिफिकेशन कराने के नाम पर, कभी डिमांड नहीं चढ़ा है, कभी बिल नहीं बनाने के नाम पर एवं अन्य नए-नए कारणों से ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है. इससे ठेकेदारों का आर्थिक नुकसान हो रहा है और कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं.
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अशोक पंजवानी ने डॉ. रमन सिंह को समस्याओं से अवगत कराकर निराकरण हेतु विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की. उन्होंने डॉ. सिंह को बताया कि ठेकेदारों के कार्य के अनुसार तत्काल डिमांड चढ़ाकर भुगतान की व्यवस्था की जाए. जिन ठेकेदारों द्वारा क्लॉरिनेटर इम्पैनलमेंट के पहले लगाये गये हैं, उन्हें नए इम्पैनल्ड क्लोरिनेटर लगाने हेतु बाध्य न किया जाए एवं पुराने को ही रेगुलाइज्ड किया जाए. ठेकेदारों के एफ.एच.टी.सी. कार्य पर काटी जा रही राशि पर तत्काल रोक लगाई जाये एवं जिन ठेकेदारों की उक्त कार्य की राशि काटी गयी है उन्हें वापस किया जाये.
उन्होंने बताया कि सोर्स उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है. ठेकेदार विभाग के कार्यो की एजेंसी मात्र है. अत: सोर्स उपलब्ध न हो पाने की स्थिति में ठेकेदारों का भुगतान रोका जाना पूर्णत: अनुचित है. अत: भुगतान किया जाये. विभाग द्वारा 70 प्रतिशत भुगतान की जो कंडीशन लगायी गई है, वह पूर्ण रूप से कार्य नियमावली के विरूद्ध है. अत: उक्त कंडीशन को तत्काल हटाया जाए. रायल्टी की कटौती विभाग द्वारा शासकीय दर पर की जाए न कि 3 गुना पेनाल्टी लगा कर. विभाग ठेकेदारों के अनुबंध में जीएसटी की राशि अलग से प्रदान करें, ऐसा उच्च अधिकारियों को आदेशित किया जाए. विभाग ठेकेदारों के अनुबंध पत्रक (जिसमें अनुबंध होता है) में दी गई कंडिकाओं से छेड़छाड़ न करें तथा ठेकेदारों को अनुबंध से बाहर के कार्यों को करने हेतु मजबूर न किया जाए.
इस दौरान एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अशोक पंजवानी के साथ उपाध्यक्षगण दीपक शर्मा, संजय संचेती, वीरेंद्र चौहान, नरेश रामटेके, सचिव विनय बिंदल, सारांश आजमानी, कोषाध्यक्ष अतुज अग्रवाल, मनोज ठाकुर, विजय अग्रवाल, गोलू सिन्हा, वैभव शुक्ला, प्रतीक जैन, अर्जुन सिन्हा, इंदर साहू डोंगरगढ़, राकेश शेण्डे, मानिक वर्मा, कुलदीप कुलजेकर, प्रियांक जैन डोंगरगांव आदि उपस्थित रहे.
