नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य गंभीर चिंताजनक

रायपुर- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश की चुनावी प्रणाली विशेष कर मतदाता सूची की गड़बड़ियों के जो साक्ष्य प्रस्तुत किया है वह गंभीर है तथा देश के चुनाव प्रणाली में निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है. देश के लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली को बचाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा उठाये गये सवालों की गहन जांच हो और पूरे प्रकरण में जो भी दोषी है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में रही है. महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद वोटों की चोरी का संदेह यकीन में बदल गया. महाराष्ट्र में 5 साल के मुकाबले सिर्फ 5 माह में ज्यादा वोटर्स जोड़े गये वहां पर मतदाताओं की संख्या राज्य की वयस्क आबादी से भी ज्यादा है. यही नहीं महाराष्ट्र के चुनावों में शाम 5 बजे के बाद वोटिंग में अचानक जबर्दस्त उछाल आ गया था. महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी को इंडिया गठबंधन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अनेकों बार उठाया, चुनाव आयोग को चार चिट्ठियां भी लिखी, चुनाव आयोग ने गोलमटोल जवाब दिया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा डिजिटल वोटर लिस्ट राजनैतिक दलों को इंकार क्यों किया जा रहा, यह भी संदिग्ध है. चुनाव आयोग ने सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता के कानून भी बदल दिया. चुनाव आयोग का आचरण ही बड़ी मिस्ट्री बन गया है. जनता को पूरी चुनाव प्रणालि को जानने का पूरा अधिकार है तथा चुनाव से संबंधित कोई रिकार्ड कानून मिटाया नहीं जा सकता.
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा के लोकसभा चुनाव के मतदाता सूची की गड़बड़ियों के पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किया है. एक प्रधानमंत्री आवास में 80 वोटर, 46 वोटर एक बियर क्लब के पते पर 68 वोटर होना एक ही मतदाता का बार-बार नाम आना और सभी के द्वारा अलग-अलग मतदान करने के साक्ष्य बताते है कि देश के चुनावों में धांधली हो रही है और वोटरों की चोरी हो रही है. चुनाव आयोग, नेता प्रतिपक्ष के साक्ष्यों से मुंह नहीं चुरा सकता. यह देश के प्रजातंत्र का सवाल है.
