NIA कोर्ट से ननों की जमानत: PCC चीफ बोले- सत्य की हुई जीत BJP अपने पोलिटिकल प्रोपोगंडा के लिए बेकसूर ननों को गिरफ्तार किया था
दुर्ग- मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार की गई दो ननों और एक युवक को बिलासपुर स्थित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने शनिवार को जमानत दे दी. मूल रूप से केरल निवासी नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस को सुखमन मंडावी नामक युवक के साथ 25 जुलाई को जीआरपी ने बजरंग दल की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया था. अदालत के इस फैसले को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने “सत्य की जीत” बताया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एनआईए कोर्ट से ननों की जमानत से सच्चाई की जीत हुई. भाजपा ने अपने पोलिटिकल प्रोपोगंडा के लिए बेकसूर ननों को गिरफ्तार किया था. ननों पर तीन महिलाओं के धर्मांतरण का आरोप एवं मानव तस्करी का आरोप लगाया गया है, जबकि हकीकत यह है कि ये ननें जिन तीन महिलाओं को लेकर जा रही थी वे सभी बालिग है तथा अपने परिजनों की सहमति से नौकरी के लिए जा रही थी. जिन तीन महिलाओं को ननों के साथ पकड़ा गया था उनमें से एक ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया कि बजरंग दल के लोगों ने मारा-पीटा और धमकाया. हम लोग स्वेच्छा से नौकरी के लिए जा रहे थे. महिला ने यह भी बताया कि बजरंग दल के लोगों ने इन आदिवासी महिलाओं के साथ मारपीट भी किया था. एक तरफ भाजपा सरकार महिलाओं को रोजगार नहीं दे पा रही, महिलाएं रोजी-रोटी की तलाश में पलायन कर रही है. दूसरी तरफ स्वेच्छा से नौकरी के लिए बाहर जाने वाली महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा, उनकी मदद करने वालों पर झूठे आरोप लगाकर राजनीति की जा रही थी.
