पहलगाम के लहू का बदला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाक समर्थित आतंकियों को चटाई धूल : गीता घासी

राजनांदगांव- पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, का करारा जवाब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के रूप में दिया है. इस साहसिक और सटीक सैन्य कार्रवाई ने सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं और उनकी शह पर पल रहे आतंकियों को धूल चटा दी है. राजनांदगांव जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गीता घासी साहू ने इस ऑपरेशन की सफलता पर भारतीय सेना के पराक्रम को सलाम करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पहलगाम के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी.
पूर्व अध्यक्ष गीता घासी साहू ने अपने भावुक और संकल्प से भरे बयान में कहा पहलगाम में हमारे निर्दोष भाई-बहनों का जो खून बहाया गया, वह व्यर्थ नहीं गया. भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देकर उन कायर आतंकवादियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. यह ऑपरेशन उन शहीदों को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपनी जान गंवाकर भी देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखा. उन्होंने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को अपनी स्टेट पालिसी के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है. पहलगाम का हमला भी उसी नापाक साजिश का हिस्सा था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब और चुप नहीं बैठेगा. हमारी सेना न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बरिक वह सीमापार जाकर भी आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने का दम रखती है. श्रीमती गीता साहू ने देशवासियों से एकजुट रहने और सेना का मनोबल बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, यह समय शोक और आक्रोश का है, लेकिन यह एकजुटता दिखाने का भी समय है. हमें अपनी सेना पर अटूट विश्वास रखना होगा और पाकिस्तान जैसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ एक स्वर में आवाज उठानी होगी. ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया है कि भारत कमजोर नहीं है और अपने दुश्मनों की मुंहतोड़ जवाब देना जानता है. ऑपरेशन सिंदूर न केवल पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की जीत है, बल्कि वह पाकिस्तान और उसके द्वारा पोषित आंतकवादियों के लिए एक स्पष्ट और कठोर संदेश भी है. जवानों ने अपने शौर्य से यह दिखा दिया है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं.
