राज्य सरकार लगातार 5वीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों का विस्तार करते जा रही हैं जो कि असंवैधानिक है.
संविधान के अनुच्छेद 243 यग में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि 5 वीं और 6 वीं अनुसूची क्षेत्रों में नगर पंचायत, पालिका और निगम लागू नहीं हो सकती, फिर भी राज्य सरकारें बार-बार संविधान का उल्लंघन करते हुए ग्राम पंचायतों का नगर पंचायत बनाए जा रही. विदित हो कि 5 वीं अनुसूची क्षेत्रों में संसद से पास पेशा अधियम 1996
लागू होता है. इसमें ग्राम सभाओं को स्वायत्त शासन चलाने का अधिकार होता है. ग्राम सभाएं अपनी रूढ़यों, परंपराओं, संस्कृति के संरक्षण और विवाद निपटाने के लिए संवैधानिक रूप से सक्षम होती हैं.
आदिवासी मातृशक्ति संगठन प्रदेश सरकार,मुख्यमंत्री,राज्यपाल प्रदेश के तमाम सांसद एवं विधायकों से पूछना चाहती हैं कि भारतीय संविधान के किस प्रावधान के अनुसार प्रदेश के 5वीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों का विस्तार किया जा रहा है.
ग्राम पटना बैकुंठपुर जिला कोरिया के ग्रामीण नगर पंचायत के विरोध में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल लगातार कर रहे हैं सरकार इस मामलें में चुप हैं.
आदिवासी मातृशक्ति संगठन प्रदेश के तमाम आदिवासी विधायकों से निवेदन करती है छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा सत्र में प्रदेश के 5वीं अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के विस्तार के विषय में गंभीरता से चर्चा करेंगे.आदिवासी मातृशक्ति संगठन की बैठक रिसाली सेक्टर मे की गई.
बैठक में माधुरी रावटे, लोकेश्वरी ध्रुव, चंद्रकला तारम,हुमन मंडावी,नीरा ठाकुर,पल्लवी ठाकुर,कनकलता नाग, निर्मला चतुर्वेदी, डालिया ढाले, दिनेश्वरी भूआर्य,रुखमणी देवहारी, प्रमीला लाटिया, पूर्णिमा मानकर,बेन ठाकुर,एसरी ठाकुर,सविता ध्रुव,कुमारी,कांती ठाकुर, दीपमाला नेताम, माधुरी साहू,उमा सिंह,मान कुंवर,हीरा मेश्राम,गनेभिया साहू, गायत्री मंडावी, बी.एल. गेंडे,ओझल, राजेंद्र परगनिया,कीर्ति ठाकुर,अश्लेष मरावी आदि उपस्थित रहे.
