राजस्व विभाग से जनता परेशान, राजस्व निरीक्षकों के ज्वाइनिंग नहीं लेने से सारे काम ठप
दुर्ग- जिले के राजस्व निरीक्षकों के स्थानांतरण होने के पश्चात अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभार लेने और प्रभार न देने से राजस्व विभाग के सारे कार्य ठप हो गए है. जिसमें राजस्व निरीक्षक मंडल जुनवानी, तितुरडीह, अण्डा,जामुल समेत दुर्ग के आम जनता को काफी परेशानी हो रही है. चूंकि राजस्व विभाग में राजस्व निरीक्षक का कार्य महत्वपूर्ण होता है. कलेक्टर महोदया द्वारा नक्शा बटांकन का कार्य किया जा रहा है, सीमांकन का कार्य ठप पड़ा हुआ है. इनके चार्ज नहीं देने में अधीक्षक आदित्य कुंजाम एवं ओआईसी भू-अभिलेख मुकेश कुमार रावटे संयुक्त कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध है. इसलिए जिला प्रशासन को चाहिए की तत्काल राजस्व निरीक्षकों की पदस्थापना करें. जो निरीक्षक जानबूझकर चार्ज नहीं ले रहे उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जानी चाहिए.
बता दें कि 2 अगस्त 2024 को कलेक्टर द्वारा एक दर्जन से ज्यादा राजस्व निरीक्षकों का स्थानांतरण आदेश जारी किया गया था. 40 दिनों के बीत जाने के बाद भी 4 वर्षों से एक स्थान पर जमे राजस्व निरीक्षक पवन चंद्राकर अपना प्रभार द्वारिका प्रसाद परगनिया को नही दे रहें है. सूत्रों का माने तो चंद्राकर द्वारा अपनी पहुंच का प्रयोग करते हुए वर्षो से जमे हुए पद को छोड़ना नहीं चाहते इस बार भी अपना स्थानांतरण को संशोधन करवाकर डायवर्सन में यथावत करवाने में सफल होते दिख रहा है, कारण पूर्व के आदेश को उच्च न्यायालय में कुछ समय के लिए स्थगन दिया गया है उसी का हवाला देकर इस आदेश को निरस्त किया जा रहा है जो आम लोगों और राजस्व निरीक्षकों के बीच चर्चा का विषय है, इसी प्रकार हिरेंद्र क्षत्रीय डायवर्सन का चार्ज देने के पश्चात जामुल में चार्ज नहीं ले रहें है, मीनू राठौर, गार्गी सत्यनारायण द्वारा चार्ज नहीं लिया जा रहा है. कलेक्टर के आदेश का समय पर पालन नहीं किया जाना घोर अनुशासनहिनता है. स्वयं कलेक्टर को भी जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए इस मामले सख्त कदम उठाना चाहिए.
