कार्यालय कलेक्टर परिवर्तित भूमि शाखा से उपस्थिति पंजी गायब, आखिर किसकी लापरवाही से हुआ गुम

भिलाई- कार्यालय कलेक्टर परिवर्तित भूमि शाखा/डायवर्सन दुर्ग में कर्मचारी उपस्थिति पंजी गायब होने का मामला सामने आया है. जिस प्रकार से कलेक्टर कार्यालय के राजस्व विभाग में कर्मचारियों की उपस्थिति में उपस्थिति पंजी का गायब हो जाना कर्मचारियों का शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही को उजागर करता है. पंजी का कार्यालय से गुम हो जाना संदेह व्यकत करता है. आखिर उपस्थित पंजी किसके लापरवाही से गुम हुआ? अधीक्षक और सहायक ग्रेड-2 अपने-अपने जिम्मेदारियों को एक-दूसरों के ऊपर थोप रहे है. उक्त उपस्थिति पंजी में 8 राजस्व निरीक्षक, सहायक ग्रेड-3, चैनमेन एवं संलग्न पटवारियों का हस्ताक्षर होता था. जानकारी के मुताबिक अधीक्षक के द्वारा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी गुम हो जाने की रिपोर्ट अभी तक संबधित थाना में दर्ज नही करवाया गया है. उपस्थित पंजी का गुम होना आखिर किस अधिकारी और कर्मचारी की लापरवाही से हुआ यह जांच का विषय है. इस मामले पर कलेक्टर को संज्ञान लेना चाहिए.
प्रीती ठाकुर सहायक ग्रेड-2 के द्वारा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी गुम होने की प्रथम सूचना अधीक्षक को दी गई. इस संबध में विभाग द्वारा प्रीती ठाकुर को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षकर्ता के समक्ष में प्रस्तुत करने कहा गया.
जारी नोटिस में कहा गया है प्रस्तुत आवेदन पत्र दिनांक 28 जून 2024 के अनुसार परिवर्तित भूमि शाखा दुर्ग का उपस्थिति पंजी दिनांक 27 जून 2024 से गुम होने का लेख है. जिसकी खोजबीन कर समस्त लिपिकों एवं राजस्व निरीक्षकों से टीप लिया गया परंतु उपस्थिति पंजी आज दिनांक तक उपलब्ध नहीं हुई है. उपस्थिति पंजी कार्यालय का एक महत्वपूर्ण रिकार्ड होता है. उपस्थिति पंजी का गुम होना शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है. आपका उक्त कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 3 के विपरीत है. अतः उपरोक्त के संबंध में अपना स्पष्टीकरण 03 दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षकर्ता के समक्ष में प्रस्तुत करें.
उपस्थिति पंजी के संबध में प्रीती ठाकुर ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जिसमें कहा गया कि कलेक्टर मेनुअल पुस्तक के अध्याय 07 के पैरा 03 अनुसार कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का संधारण अधीक्षक द्वारा रखे जाने का प्रावधान है एवं कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति हेतु संधारित की जाने वाली उपस्थिति पंजी मुझे न तो लिखित प्रभार में दी गई थी और न ही मौखिक प्रभार में. मेरे द्वारा अपने पदेन कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है.
