आदिवासी मातृशक्ति संगठन की बैठक हुई संपन्न.
आज रिसाली सेक्टर के एकता मंच में आदिवासी मातृशक्ति संगठन ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की.
मातृशक्तियों ने कहा आदिवासी समुदाय के साथ बस्तर ही नहीं पूरे देश में लगातार अत्याचार अन्याय हो रहे हैं.आज हमारे देश मे आदिवासीयो की हत्या,बलात्कार, शोषण,जल, जंगल, जमीन के विषय पर ना राष्ट्रपति जी ना राज्यपाल कोई कुछ नहीं कहना चाहता.
आदिवासी महिलाओं को निवस्त्र घुमाकर बलात्कार करना, आदिवासियों के ऊपर पेशाब करना, आदिवासियों के जल जंगल जमीन को उजाड़ना,गोली लगने से 6 महीने की आदिवासी बच्ची की मौत, बैगा आदिवासियों की हत्या ऐसे तमाम अमानवीय कृत हम आदिवासियों के ऊपर लगातार होते आ रहे हैं.
केंद्र सरकार आदिवासियों की विरोधी है CAA लागू कर इस देश के मूल निवासियों के संवैधानिक अधिकारों को खत्म करने की बहुत बड़ी साजिश है.हम चाहती हैं मनुष्य के DNA के आधार पर CAA लागू किया जाए.
हमारा देश संविधान से चलता है वर्तमान के केंद्र सरकार से हमारे देश का संविधान व लोकतंत्र दोनों खतरे में है.
जिस महंगाई का हवाला देकर 2014 में बीजेपी केंद्र की सरकार में आई आज उसी महंगाई से देश की करोड़ों आमजन परेशान है बच्चों के शिक्षा में 18% जीएसटी, खाद्य सामग्री में जीएसटी, सिलेंडर 1000 रू,पेट्रोल 100 रू,मोबाइल रीचार्ज 800-900 रू,हर आम के दैनिक दिनचर्या जुड़ी हुई तमाम चीजें सब महँगी. आदिवासी मातृशक्ति संगठन देश के लगभग चालीस करोड़ जनता से अपील करती है कि अपने बहुमूल्य मतदान का उपयोग सोच समझकर करें.
दिनेश्वरी भुआर्य,दीपेश्वरी चनाप, कनकलता नाग, चंद्रकला तारम, पूर्णिमा मानकर,माधुरी रावटे,कीर्ति ठाकुर, कांति ठाकुर,पल्लवी भूआर्य,चंद्रिका रावटे,अश्लेष मरावी, लोकेश्वरी ध्रुव, उमा सिंह बैठक में उपस्थित रहे।
