बलरामपुर-रामानुजगंज मध्याहन भोजन के लिए स्कूलों को शासन से 4 महीने से राशि जारी नहीं की गई. इसके साथ ही रसोइयों को भी 4 महीने का मानदेय नहीं मिला. इस कारण पूरे जिले में मध्याहन भोजन की स्थिति लड़खड़ाने लगी है. सिर्फ अब दीवारों में मेन्यू चिपक कर रह गया है. वास्तविकता में मध्याहन भोजन मेन्यू के अनुसार नहीं दिया जा रहा है.
गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले के 1402 प्राथमिक स्कूल और 582 माध्यमिक स्कूल हैं. जिसमें क्रमशः बालक-बालिकाओं की दर्ज संख्या 76330, 40306 है. वहीं जिले में कुल रसोइयों की संख्या 3625 है. वहीं संचालन करता 1984 हैं.
अगस्त माह से मध्याहन भोजन के लिए आवंटन नहीं आने से संचालककर्ता को भुगतान नहीं हो पाया है. जिस कारण धीरे-धीरे अब जिले की मध्याहन भोजन व्यवस्था चरमराने लगी है. जैसे-तैसे मतदान भोजन का संचालन हो रहा है. कहीं भी मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं दिया जा रहा है. प्राइमरी में 5.68 रुपये मिडिल स्कूल के 8.17 रुपए के हिसाब से प्रति छात्र राशि मिलती है. जो वर्तमान में महंगाई के हिसाब से कम है.
वहीं रसोइयों को हर माह 2000 रुपये वेतन दिया जाता है. आवंटन के अभाव में बलरामपुर रामानुजगंज जिले के 3625 रसोइयों का वेतन भी नहीं मिल पा रहा है. रसोईया संघ के पदाधिकारी ने कहा कि एक तो हम लोगों का वेतन बहुत ही कम है. न्यूनतम मानदेय में सभी जगह रसोईया काम कर रहे हैं, परंतु इसके बाद भी वेतन समय पर नहीं मिल पा रहा है.
दुकानदार भी उधार देने में कतराने लगे हैं. बलरामपुर रामानुजगंज जिले में 1984 संचालकर्ता है. जिनके द्वारा मध्याहन भोजन का संचालन किया जाता है. संचालकर्ता के द्वारा परिचित किराना की दुकान से सामग्री उधार क्रय मध्याहन भोजन का संचालन कर रहे थे. परंतु विगत चार माह से उनके द्वारा पैसा नहीं देने से अब किराना दुकान के द्वारा भी उन्हें सामान देने से मना किया जा रहा है. ऐसे में मध्याहन भोजन चलाना मुश्किल होगा.
हर माह मध्याहन भोजन के लिए करीब दो करोड रुपये राशि की आवश्यकता है. जिले के रामचंद्रपुर, बलरामपुर वाड्रफनगर, शंकरगढ़, कुसमी, राजपुर विकासखंड में मध्याहन भोजन के संचालन के लिए प्रत्येक माह करीब दो करोड़ रुपये की राशि की आवश्यकता होती है. परंतु चार माह से आवंटन नहीं हो रहा है. रामचंद्रपुर विकासखंड में प्रत्येक माह करीब 35 से 40 लाख रुपये मध्याहन भोजन का भुगतान किया जाता है.
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने कहा कि आवंटन आने के बाद संचालनकर्ताओं को भुगतान किया जाएगा. जहां से भी मेन्यू के अनुसार, मध्यान भोजन नहीं चलाई जाने की शिकायत प्राप्त होगी. वहां तत्काल संबंधित विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कर जांच कराया जाएगी. किसी भी स्थिति में मध्याहन भोजन मेन्यू के अनुसार ही संचालित कराया जाएगा.
