रायपुर : विधानसभा चुनाव में भाजपा से करारी हार के बाद कांग्रेस अब सत्ता से फिसल कर विपक्ष में बैठने को मजबूर हो गई है. हार के बाद कांग्रेसी एवं पूर्व विधायक अपनी हार की जिम्मेदारी से बचने लगे हैं और हार के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने अपने विस्फोटक बयान में PCC प्रभारी कुमारी सैलजा और टीएस सिंहदेव को ही घेर लिया है. यहां तक कि उन्होंने सैलजा को हटाने की मांग तक कर डाली. कुमारी सैलजा को लेकर उनके रुख से कांग्रेस भी सक्ते में आ गई है. लेकिन सवाल ये है कि हार के बाद कुछ सीखने और कमजोरियों पर काम करने की बजाए कांग्रेस आपस में उलझकर अपनों पर ही दोष क्यों मढ़ रही है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर की सियासत में चर्चित रहे पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह के ताजा बयान सुर्खियों में आ गए हैं, जिसमें उन्होंने हार का ठीकरा PCC प्रभारी कुमारी सैलजा और टी एस सिंहदेव पर फोड़ा है. बृहस्पत सिंह ने कुमारी सैलजा को हटाने की मांग की, उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा प्रभावशील नेताओं के हाथों बिक गईं और टीएस सिंहदेव को हीरो की तरह प्रमोट कर रही थीं. खुद भी हीरोइन की तरह फोटो खिंचा रहीं थीं. बृहस्पत सिंह ने ये भी कहा कि कांग्रेस नेताओं का घमंड सिर चढ़कर बोल रहा था. सिंहदेव CM होते तो कांग्रेस की 14 सीट भी नहीं आतीं.
