भिलाई : एनएच- 53 पर चार फ्लाई ओवर निर्माण की वजह से पूरे सर्विसलेन की हालत खराब हो गई. 20 किलोमीटर नेशनल हाइवे की सडक़ का टेंडर तो नहीं हो सका. फ्लाई ओवर निर्माण एजेंसी ने 6 किलोमीटर सडक़ के साथ सर्विसलेन की भी सूरत बिगाड़ दी है. उसकी मरम्मत तक नहीं करा सके. जनता की इस परेशानी की ओर न जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं न अधिकारी. बारिश के बाद सडक़ चकाचक करने का दावा करने वाले अधिकारी झांकने तक नहीं आ रहे हैं.

नेशनल हाइवे-53 नेहरुनगर से कुम्हारी तक सडक़ की हालत बहुत ही खराब है. इसकी मरम्मत करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. एनएच अथॉरिटी के मुताबिक 20 किलोमीटर के लिए 45 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया है. एजेंसियां टेंडर में शामिल हुई है, लेकिन टेंडर अब तक फाइनल नहीं हो सका. 35 हजार से ज्यादा लोग दुर्ग भिलाई से रोज इस हाइवे पर अप-डाउन करते हैं. स्थिति यह है कि रोज राहगीर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं.
ये है शहर के बीच सडक़ की हालत
नेहरु नगर चौक में दोनों तरफ बड़े गड्ढे हो गए थे. एनएच ने उसकी मरम्मत करा दी, लेकिन जब आगे बढ़ते है तो कोसानाला के पास सडक़ उखड़ गई है. यहां टोल प्लाजा का ढांचा भी जस का तस खड़ा है. रोडब्रेकर तक को नहीं हटाया गया है. इसके बाद जैसे ही सुपेला घड़ी चौक पहुंंचते है, जहां फ्लाई ओवर निर्माण एजेंसी ने पूरी सडक़ को उखाड़ कर रख दिया है. लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल के सामने नाली पास करने के बहाने सडक़ को खोद दिया. पाइप डालकर उसके ऊपर राखड़ और गिट्टी डालकर छोड़ दिया.
सरकार के जिम्मेदार एनएच की इसी सडक़ पर दुर्ग से रायपुर आते जाते है. दुर्ग से रायपुर नौकरी पेशा वाले आना जाना करते है. इस सडक़ ने करीब 200 से अधिक लोगों की जान ले ली है. बावजूद जिम्मेदारों ने सडक़ निर्माण के बारे में कुछ नहीं बोल सके.
